'मुस्लिम IAS-IPS को हिंदू बहुल इलाकों में नहीं मिलता घर', नियाज खान के पोस्ट से मचा बवाल
पूर्व IAS नियाज खान का बयान, मुस्लिम अधिकारियों के साथ भेदभाव का लगाया आरोप, बोले-मैंने भी झेला दर्द. विश्वास चतुर्वेदी की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 21, 2026 at 3:31 PM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी और अपनी चर्चित किताबों के लिए जाने जाने वाले नियाज खान एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं. हमेशा अपने बेबाक और विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाले पूर्व आईएएस ने इस बार मुस्लिम अधिकारियों के साथ होने वाले कथित भेदभाव और समाज में बढ़ती नफरत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
हिंदू इलाकों में किराए पर घर न मिलने का आरोप
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए नियाज खान ने लिखा कि, ''मुसलमानों के खिलाफ नफरत इस कदर बढ़ गई है कि, एक मुस्लिम आईएएस या आईपीएस अधिकारी को भी हिंदू बहुल इलाकों में किराए का मकान नहीं मिलता. हिंदू अपने घर मुसलमानों को देने से हिचकिचाते हैं.'' पूर्व आईएएस ने अपना दर्द बयां करते हुए दावा किया कि, ''उन्होंने खुद भी अपने प्रशासनिक सेवा के दौरान इस तरह के भेदभाव का सामना किया है.'' उन्होंने आगे सवाल उठाया कि, ''क्या हिंदू हर मुसलमान को आतंकी समझते हैं, जबकि हकीकत यह है कि हर मुसलमान देशभक्त है.''
Hate against Muslims has increased so much that a Muslim even IAS,or IPS can't find a home in Hindu area.Hindus don't want to give their home to a Muslim. It's a so serious issue. Myself once faced this. Do Hindus regard every Muslim a terrorist? Every Muslim is patriot.
— NIYAZ KHAN (@saifasa) August 21, 2026
पहनावा बदलने और माब लिंचिंग पर दी थी सलाह
दरअसल, यह पहला मौका नहीं है जब नियाज खान का बयान विवादों में आया हो. इससे पहले उन्होंने माब लिंचिंग की घटनाओं पर चिंता जताते हुए मुस्लिम समुदाय को अपना पहनावा बदलने की अजीब सलाह दे डाली थी. उन्होंने कहा था कि, ''देश में जितनी भी माब लिंचिंग की घटनाएं होती हैं, उनमें से अधिकतर कुर्ता-पाजामा, दाढ़ी और टोपी के कारण होती हैं. इसलिए मुसलमानों को अपनी पहचान छिपाने या सुरक्षित रहने के लिए तुर्की जैसे आधुनिक कपडे़ पहनने चाहिए.''
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ब्राह्मण समाज के समर्थन और शाकाहार पर भी दे चुके बयान
बता दें कि, नियाज खान अपने कई अन्य बयानों के जरिए भी लगातार बहस छेड़ते रहे हैं. ब्राह्मण द ग्रेट किताब के लेखक खान ने सनातन धर्म और ब्राह्मण समाज के समर्थन में भी खुलकर आवाज उठाई है. उनका कहना था कि, ''ब्राह्मण हजारों सालों से सनातन के संरक्षक रहे हैं, इसलिए उन्हें उनकी आबादी के हिसाब से आरक्षण और विकास के अवसर मिलने चाहिए.'' इसके अलावा वे मुसलमानों को गौ-रक्षक बनने, धर्मांतरण रोकने, शाकाहारी भोजन अपनाने और ब्राह्मणों के साथ मधुर संबंध बनाए रखने की सलाह भी दे चुके हैं.

