मध्य प्रदेश की एफिल टावर वाली सड़क! इंजीनियरिंग का नमूना देख एक्सपर्ट हैरान
भोपाल में करोंद की विनायक वैली कॉलोनी में बीच सड़क पर खड़ा हाईटेंशन टावर. नीचे से निकाल दी सड़क, गुजरते हैं लोग और वाहन चालक.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 10, 2026 at 2:40 PM IST
|Updated : February 10, 2026 at 5:23 PM IST
भोपाल: राजधानी में 90 डिग्री एंगल वाले ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज के बाद अब इंजीनियरिंग की एक और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. दरअसल करोंद क्षेत्र की विनायक वैली कॉलोनी में हाईटेंशन लाइन के टावर के ठीक नीचे से सड़क निकाल दी गई है. सोशल मीडिया पर लोग इसे मजाक में एफिल टावर सड़क कह रहे हैं लेकिन हकीकत में यह स्थिति हर दिन हादसे को न्योता दे रही है. पैदल चलने वालों से लेकर कार और दोपहिया वाहन चालकों तक, सभी के लिए यहां खतरा बना रहता है.
बीच सड़क पर खड़ा हाईटेंशन टावर
करोंद की विनायक वैली कॉलोनी में खड़ा यह हाईटेंशन टावर कई सालों से यहां मौजूद है. शुरुआती दौर में आसपास ज्यादा आबादी नहीं थी, लेकिन समय के साथ कॉलोनियां बसती गईं और अब यह इलाका घनी आबादी वाला हो गया है. ऐसे में टावर के नीचे से रोजाना सैकड़ों लोग और वाहन गुजरते हैं. स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि इसमें सुधार नहीं हुआ तो तकनीकी खराबी या हल्की सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती है.

बरसात में करंट फैलने का डर
स्थानीय निवासी महेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि "यह टावर उनके ही वार्ड में है, जिसे वे कई वर्षों से देख रहे हैं. पहले यहां खाली जमीन थी, लेकिन अब यहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं. आबादी बढ़ने के साथ खतरा भी कई गुना बढ़ गया है." लोगों का कहना है कि टावर और हाईटेंशन लाइन के नीचे से गुजरना मजबूरी बन गया है. रहवासियों के अनुसार बारिश के मौसम में स्थिति और भी डरावनी हो जाती है. टावर के नीचे से बड़ी गाड़ियां नहीं निकल पातीं और हाईटेंशन लाइन से करंट फैलने का डर बना रहता है.

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बिजली कंपनी के प्रयास, लेकिन समाधान अधूरा
करोंद जोन के प्रबंधक मयंक अरजरिया का कहना है कि "इस टावर को शिफ्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस संबंध में कई बार बैठकों और चर्चाओं का दौर चल चुका है, लेकिन अब तक टावर नहीं हट पाया है. लेकिन इस मामले में विभाग प्रयास कर रहा है."
इधर स्थानीय लोगों की साफ मांग है कि आबादी के बीच खड़े इस हाईटेंशन टावर और लाइन को जल्द से जल्द किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए. लोगों का कहना है कि भोपाल राजधानी है, ऐसे में इस तरह की लापरवाही प्रशासन की छवि पर भी सवाल खड़े करती है. किसी अनहोनी से पहले ठोस समाधान जरूरी है.

