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स्कूलों को निर्देश जन्माष्टमी मनाकर फोटो भेजें, सवाल- बच्चे पढ़ने जाते हैं या त्योहार मनाने

मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग के आदेश से सियासत गर्म. श्रीराम के बाद अब श्रीकृष्ण को सियासी हथियार बनाया बीजेपी ने. शेफाली पांडे की रिपोर्ट.

schools celebrate Janmashtami
सभी स्कूलों को निर्देश, जन्माष्टमी मनाकर फोटो भेजें (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 24, 2026 at 4:04 PM IST

3 Min Read
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भोपाल : देशभर में जन्माष्टमी 4 सितम्बर को है. लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में जन्माष्टमी के कार्यक्रम एक सितम्बर से शुरू हो जाएंगे. 03 सितम्बर को हर सरकारी स्कूल में जन्माष्टमी मनाई जाए. कृष्ण लीलाओं के मंचन हों. गीता ज्ञान पर नाटक हों और कृष्ण को माखन चोर कहे जाने जैसे मिथक तोड़ने को लेकर व्याख्यान हों. ये निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए हैं.

अब जन्माष्टमी मनाए जाने के इस सरकारी आदेश के खिलाफ सियासी बहस छिड़ गई है. सवाल उठ रहा है कि स्कूल को धार्मिक आयोजनों से दूर रखा जाना चाहिए और अगर ऐसे आयोजन होते हैं तो फिर सारे धर्मों के त्योहार मनाए जाएं. कांग्रेस का आरोप है कि बच्चों को राजनीति का टूल बनाया जा रहा है.

स्कूलों में जन्माष्टमी मनाने पर विवाद शुरू (ETV BHARAT)

स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश जारी

लोक शिक्षण आयुक्त की ओर से जारी पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को एक से तीन सितम्बर तक जन्माष्टमी मनाने के लिए कहा है. जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर 1 से 3 सितंबर तक स्कूलों में अलग-अलग कार्यक्रम कराने को कहा गया है. इनका उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं, नैतिक मूल्यों और आपसी भाईचारे की समझ विकसित करना है. स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी अधिकारियों से आयोजनों की जानकारी विभागीय ई-मेल पर भेजने के निर्देश भी दिए हैं.

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लोक शिक्षण आयुक्त का आदेश (ETV BHARAT)

आखिर स्कूलों में धर्म विशेष के आयोजन क्यों

इस सरकारी आदेश के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आखिर किसी एक धर्म विशेष के आयोजन के लिए स्कूलों को कैसे बाध्य किया जा सकता है. मुस्लिम स्कॉलर तौकीर निजामी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा "मुख्यमंत्री को एक धर्म विशेष के धार्मिक आयोजन के लिए स्कूलों को बाध्य नहीं करना चाहिए. स्कूल में बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं. ज्ञान लेने आते हैं तो बेहतर है कि उन्हें शिक्षा का स्थान ही रहने दिया जाए. स्कूलों पर किसी एक धर्म के त्योहार ना थोपे जाएं. अगर त्योहार मनाना ही है तो हर धर्म के त्योहार स्कूलों में मनाए जाने चाहिए."

हिंदू धर्म गुरु बोले-ये सनातनियों का देश है

हिंदू धर्मगुरु महंत अनिलानंद महाराज का इस मुद्दे पर बयान आया है. उन्होंने कहा "स्कूलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने का विरोध करने वालों को बताना चाहता हूं कि यह सनातनियों का देश है. सभी हिंदू देवी-देवताओं के बारे में बच्चों को बताया जाएगा. कृष्ण जन्माष्टमी स्कूलों में मनाई जाएगी और बहुत धूमधाम से मनाई जाएगी. सभी स्कूलों में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन किया जाएगा. साथ ही श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने के लिए व्याख्यान होंगे."

कांग्रेस बोली- कृष्ण के सहारे बच्चों को टूल ना बनाएं

कांग्रेस के प्रवक्ता स्वदेश शर्मा का कहना है "भगवान राम का चंदा चुराने वाली बीजेपी की सरकार में अब श्री कृष्ण के सहारे बच्चों को राजनीति में इस्तेमाल किया जा रहा है. एक तरफ अयोध्या के राम मंदिर में बीजेपी चोरी करती है और दूसरी तरफ बच्चों का इस तरह से सियासी इस्तेमाल."