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इंदौर की त्रासदी के बाद भी बेपरवाह भोपाल महापौर! बोलीं अधिकारियों से जाकर बात करो

इंदौर हादसे के बाद की भोपाल नगर निगम पर उठे सवाल, पानी की क्वालिटी पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने महापौर मालती राय को घेरा.

BHOPAL CONTAMINATED WATER
इंदौर की त्रासदी के बाद भी बेपरवाह भोपाल महापौर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 3, 2026 at 3:59 PM IST

4 Min Read
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भोपाल: इंदौर में दूषित पानी पीने से 16 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने ऑफिशियल 4 लोगों की मौत मानी है. इन मौतों के बाद से प्रदेश की जलापूर्ति व्यवस्था सवालों के घेरे में है. कांग्रेस का आरोप है कि राजधानी भोपाल में हालात सुधारने के बजाय महापौर मालती राय गैर जिम्मेदाराना बयान दे रही हैं. जल संकट पर जवाबदेही तय करने के बजाय महापौर का हर सवाल अधिकारियों की ओर टालना विपक्ष के हमलों को और तेज कर रहा है. इसी बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 2019 की कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

'शुद्ध जल की चिंता अधिकारी करें'

भोपाल में मालती राय को महापौर बने करीब साढ़े तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन नगर निगम परिषद अब भी पूरी तरह सक्रिय नजर नहीं आ रही है. इंदौर में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत के दावे के बाद जब मीडिया ने भोपाल की जल आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए, तो महापौर के जवाबों में संवेदनशीलता की कमी साफ दिखाई दी.

शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे सीवेज मिला पानी सप्लाई होने की शिकायतों पर सवाल किया गया, तो महापौर ने कहा कि "नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर जांच करें, नोटशीट भेज दी गई है." उन्होंने यह भी कहा कि "अधिकारियों को चिंता करनी चाहिए कि भोपाल की जनता को शुद्ध जल मिले."

पानी की क्वालिटी पर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने महापौर को घेरा (ETV Bharat)

जलकार्य विभाग से झाड़ा पल्ला

जब पत्रकारों ने पूछा कि बीते तीन दिनों में शहर के किन इलाकों से कितने पानी के सैंपल लिए गए, तो महापौर ने साफ कहा कि अभी जानकारी नहीं आई है और कमिश्नर से बात चल रही है. सैंपल टेस्टिंग को लेकर जब यह सवाल उठा कि यह काम ड्राइवर जैसे कर्मचारियों से कराया जा रहा है, तो महापौर ने जवाब दिया कि रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि सैंपल किसने टेस्ट किया. चार साल बाद भी सीवेज युक्त पानी मिलने की शिकायतों पर महापौर ने कहा कि नगर निगम जांच के बाद ही पानी सप्लाई करता है और सभी विभागों में अधिकारी-कर्मचारी काम कर रहे हैं. अंत में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पूरी जानकारी के लिए जल कार्य विभाग के अधिकारियों से बात की जाए.

Bhopal contaminated water
पेयजल में मिल रहा गंदा पानी (ETV Bharat)

साल 2019 में ही कैग ने दी थी चेतावनी

इधर, इंदौर की जल त्रासदी के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि "यह हादसा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा है." सिंघार ने याद दिलाया कि "भोपाल और इंदौर की जल आपूर्ति को लेकर कैग ने 2019 में ही गंभीर चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने न रिपोर्ट को गंभीरता से लिया और न ही सुधार किए."

इंदौर के बाद भोपाल में बढ़ी चिंता

उमंग सिंघार ने बताया कि "एशियन डेवलपमेंट बैंक से 200 मिलियन डॉलर का कर्ज लेने के बावजूद करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन लोगों को आज भी साफ पानी नसीब नहीं हो रहा. कैग रिपोर्ट में दूषित पानी, पाइपलाइन लीकेज, जल ऑडिट की कमी और लाखों लोगों तक गंदा पानी पहुंचने की बात सामने आई थी." उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि जब चेतावनी पहले से थी, तो सुधार क्यों नहीं हुए. क्या सरकार हर बार लोगों की मौत के बाद ही जागेगी. इंदौर की त्रासदी के बाद भोपाल में भी हालात को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, लेकिन जिम्मेदारों की चुप्पी और बयानबाजी लोगों की परेशानी को और गहरा कर रही है."