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भोपाल में नलों से बह रहा जहर! पानी के 4 सैंपल फेल, इंदौर जैसा खतरनाक ई-कोलाई मिला

भोपाल में फेल हुए पानी के चार सैंपल, खानूगांव सहित 3 जगहों पर मिला खतरनाक ई-कोलाई, 12,000 से अधिक लोगों की आपूर्ति प्रभावित.

bhopal 4 water samples failed
भोपाल में 4 वाटर सैंपल टेस्ट में फेल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 8, 2026 at 1:00 PM IST

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Updated : January 8, 2026 at 1:31 PM IST

5 Min Read
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भोपाल: राजधानी भोपाल में इंदौर जैसे खतरनाक पानी की सप्लाई का मामला सामने आया है. बीते एक सप्ताह से चल रही सैंपलिंग में बुधवार को खानूगांव के एक कुएं सहित शहर के 3 स्थानों पर ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है. यही बैक्टीरिया इंदौर के भागीरथपुरा में लोगों की मौत का कारण बना था. खानूगांव के जिस कुएं में ई-कोलाई मिला है, उसी से आसपास की बस्तियों में करीब 2 हजार लोगों को पीने का पानी सप्लाई किया जा रहा था. हालांकि रिपोर्ट सामने आने के बाद नगर निगम ने कुएं से सप्लाई बंद कर दी है. खानूगांव के अलावा जिन स्थानों पर ई-कोलाई मिला है, ऐसे स्त्रोतों से करीब 10 हजार से अधिक आबादी को प्रतिदिन पेयजल की सप्लाई की जा रही थी.

सीवेज की शिकायत को अधिकारियों ने किया नजरअंदाज
राजधानी में बीते एक सप्ताह से चल रही पानी की सैंपलिंग के दौरान बुधवार को खानूगांव में झील किनारे स्थित एक कुएं के पानी में खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया पाए जाने की पुष्टि हुई है. स्थानीय रहवासियों का कहना है कि करीब दस दिन पहले उन्होंने कुएं में सीवेज का पानी मिलते देखा था. इसके बाद मोहल्ले में मुनादी कराकर लोगों को इस पानी का उपयोग न करने की चेतावनी दी गई. आरोप है कि, कई शिकायतों के बाद भी नगर निगम के कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे. हालांकि मंगलवार को खानूगांव से भी सैंपल लिया गया. जिसकी लैब रिपोर्ट में ई-कोलाई मिला होने की पुष्टि हुई है.

भोपाल में पानी में मिला खतरनाक ई-कोलाई (ETV Bharat)

2 हजार परिवारों को सप्लाई हो रहा था पानी
खानूगांव में रहने वाले अलीम चिश्ती ने बताया कि, ''वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क शुरू होने से पहले यह कुआं पूरे क्षेत्र में पानी सप्लाई का एकमात्र स्रोत था. अभी भी इस कुंए से करीब 2 हजार परिवारों को पानी की सप्लाई होती थी. हालांकि रिपोर्ट आने के बाद इसकी सप्लाई बंद कर दी गई है.'' रहवासियों ने आरोप लगाया कि ''खानूगांव में नगर निगम द्वारा बिछाई गई सीवेज की पीवीसी सीवेज लाइन पहले से ही विवादों में थी. लाइन डालते समय लोगों ने इसके फूटने की आशंका जताई थी, लेकिन निगम ने चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया. अब यही पीवीसी लाइन फूटने से सीवेज का पानी कुएं में पहुंचने की बात सामने आ रही है.''

bhopal contaminated water supply
भोपाल में इंदौर जैसा जानलेवा पानी सप्लाई (ETV Bharat)

इन स्थानों पर भी जहरीला पानी पीने की मजबूरी
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के जिन इलाकों में ई-कोलाई मिला है, उनमें खानूगांव के साथ ईदगाह हिल्स स्थित वाजपेयी नगर का एक ट्यूबवेल और आदमपुर छावनी के दो ट्यूबवेल शामिल हैं. वाजपेयी नगर में भी करीब 3 हजार की आबादी इसी पानी को पी रही थी. इसी तरह आदमपुर छावनी स्थित दो हैंडपंपों से भी करीब 5 हजार लोगों को पानी सप्लाई किया जा रहा था.'' आदमपुर छावनी में रहने वाले महेंद्र श्रीवास बताते हैं कि, ''लैंडफिल साइट के पास कचरे के पहाड़ों से निकलने वाला जहरीला लीचेट लंबे समय से भूजल को दूषित कर रहा है. हैंडपंप और ट्यूबवेल से झागदार और बदबूदार पानी निकल रहा है, जो न तो पीने योग्य है और न ही दैनिक उपयोग के लायक.''

नगरीय प्रशासन मंत्री को सौंपी रिपोर्ट
इंदौर में दूषित पानी से लोगों की मृत्यु का सिलसिला शुरु होने के बाद नगर निगम भोपाल में भी सभी 21 जोन से 200-200 पानी के सैंपल कलेक्ट किए गए थे. इनमें स्कूल, अस्पताल, कॉलोनी और बस्तियां शामिल हैं. अब करीब नगर निगम भोपाल 4500 से अधिक पानी के सैंपल कलेक्ट कर चुका है. इसकी समुचित रिपोर्ट बुधवार को नगर निगम के अधिकारियों ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को सौंपी है. इस रिपोर्ट में शहर के 4 स्थानों पर ई-कोलाई के पाए जाने की जानकारी भी संलिप्त है.

contaminated water Khanugaon Eidgah
पाइप लाइन के पास पड़ी गंदगी (ETV Bharat)

ई-कोलाई वाले इलाकों में नगर निगम करा रहा शुद्ध जल की सप्लाई
नगर निगम जलकार्य शाखा के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने बताया कि, ''जलकार्य शाखा के द्वारा शहर में लगातार लीकेज सुधार का काम किया जा रहा है. बीते एक सप्ताह में 300 से अधिक लीकेज ठीक किए जा चुके हैं. बुधवार को सीएम हेल्पलाइन से मिली 42 शिकायतों सहित अन्य जगहों पर दो लीकेज सुधारे गए हैं.'' गर्ग ने बताया कि, ''खानूगांव के कुएं और आदमपुर छावनी के प्रभावित इलाकों में पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. रिपोर्ट आने के बाद इन बोरिंग के पानी की सप्लाई रोक दी गई है. नगर निगम रहवासियों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने का काम कर रहा है.''

Last Updated : January 8, 2026 at 1:31 PM IST