जिनके घर खाने को नहीं, उनके नाम पर भाजपा विधायक ने खरीदी 1143 एकड़ जमीन : कांग्रेस
कांग्रेस ने बीजेपी विधायक पर लगाया 5 हजार करोड़ रु के घोटाले का अरोप, कहा- जालसाजी कर हड़पी आदिवासियों की जमीन

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 9:44 PM IST
रिपोर्ट : विश्वास चतुर्वेदी
भोपाल : मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भाजपा विधायक द्वारा आदिवासियों की जमीन औने-पौने दामों में खरीदने का मामला गरमा गया है. विधायक संजय पाठक पर आदिवासी जमीन, माइनिंग और बेशकीमती सरकारी संपत्तियों से जुड़े कथित घोटालों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता की, जिसमें मनावर विधायक डॉ. हीरालाल, प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी और प्रदेश युवा कांग्रेस सचिव दिव्यांशु मिश्रा अशु ने दस्तावेजी प्रमाण होने का दावा करते हुए राज्य सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया.
जालसाजी कर हड़पी आदिवासियों की जमीन
डा. हीरालाल अलावा ने कहा, '' संजय पाठक ने चार गरीब आदिवासी कर्मचारियों के नाम पर लगभग 1143 एकड़ जमीन खरीदी. इनमें नत्थू कोल, प्रहलाद कोल और राकेश सिंह गोंड जैसे लोग शामिल बताए गए हैं, जो गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करते हैं.'' आरोप है कि इन खातों से करोड़ों रु का लेनदेन कर डिंडोरी, जबलपुर, उमरिया, कटनी, मंडला और सिवनी जिलों में जमीन खरीदी गई. यह भी दावा किया गया कि पारिवारिक कंपनियों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से यह लेनदेन हुआ.

सरकार को नहीं हुई 443 करोड़ की रिकवरी
विधायक डॉ. हीरालाल ने कहा, '' सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित कोर एरिया में आदिवासियों के नाम पर जमीन खरीदकर आलीशान रिसोर्ट निर्माण कराया गया है. यह वन नियमों का उल्लंघन है और इसमें संबंधित विभागों की भी मिलीभगत है.'' एक्सिस माइनिंग प्रकरण में विधानसभा में दिए गए जवाब का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्वीकृत मात्रा से अधिक आयरन ओर खनन के मामले में 443 करोड़ रु की रिकवरी निकाली गई है, लेकिन अब तक डिमांड नोट जारी नहीं हुआ.
यह भी पढ़ें-
- मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की ग्रुप-2 सब ग्रुप 4 परीक्षा में अयोग्य व्यक्ति मैरिट में कैसे? हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
- मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में बार-बार लापरवाही, CAG रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
सहारा और नगर निगम भूमि विवाद
प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ने कहा, '' भोपाल, जबलपुर और कटनी में सहारा समूह की लगभग 30 एकड़ बेशकीमती जमीन और कटनी नगर निगम की आवासीय योजना से जुड़ी जमीन को भी विधायक की कंपनियों द्वारा जालसाजी कर हड़प लिया गया है.'' दिव्यांशु का दावा है कि यदि सही से जांच हो तो यह घोटाला 5000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. इन मामलों को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय सहित कई संस्थाओं में शिकायतें भी कांग्रेस नेताओं के द्वारा की गई हैं.

