तो क्या ग्वालियर-चंबल इलाके में सिंधिया की मुश्किलें बढ़ाएंगे ये मंत्री और विधायक
ग्वालियर-चंबल में आखिर निशाने पर कौन, कहीं सिंधिया समर्थकों से नाराजगी तो उनके समर्थक बढ़ा रहे टेंशन. ब्यूरो चीफ शिफाली पांडे की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 1, 2026 at 6:30 PM IST
भोपाल : तकरीबन एक महीने पहले बीजेपी के विधायक प्रीतम लोधी को हाईकमान की ओर से भोपाल बुलाकर फटकार लगाई गई थी कि आगे से पार्टी लाइन पर चलेंगे. बीजेपी की छवि प्रभावित करने वाले कोई बयान नहीं देंगे. असर महीना भर भी नहीं रहा. इस बार प्रीतम लोधी का पॉवर और बढ़ा हुआ था. पहले कहा ढाई किलो का हाथ ढाई सौ किलो का हो चुका है और 15 लाख के ईनामी डकैत रामबाबू गडरिया को अपना भाई बता दिया. प्रीतम लोधी के इस बयान के ठीक पहले बीजेपी के ही विधायक पन्नालाल शाक्य सिंधिया की सरपरस्ती में पार्टी में आकर मंत्री बने विधायकों के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं.
बीजेपी विधायक अनुशासन तोड़ने पर आमादा
मध्य प्रदेश में जिस समय बीजेपी के विधायक अपनी पार्टी के अनुशासन को तार-तार कर रहे हैं. ठीक उसी समय में दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष की बैठक में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत कई नेता मौजूद हैं. चुनाव में अभी समय है लेकिन विधायकों का ठीक इस समय पार्टी अनुशासन की लकीर मिटाना इशारा क्या है. क्या वजह है कि सिंधिया का इलाका कहे जाने वाले ग्वालियर-चंबल और इससे सटे हिस्सों में ज्यादा सुनाई दे रहे हैं ये तेवर. कहीं सिंधिया समर्थकों से नाराजगी है, कहीं सिंधिया समर्थक बढ़ा रहे हैं टेंशन.
विधायक प्रीतम लोधी ने फिर सिरदर्द बढ़ाया
एक महीने दस दिन पहले बीजेपी के सिंधिया समर्थक विधायक प्रीतम लोधी भोपाल में थे और और फटकार के बाद मीडिया के कैमरों में खेद जता रहे थे. उम्मीद ये बंधी थी कि ये नसीहत असरदार साबित होगी लेकिन एक बार फिर वायरल हुए प्रीतम लोधी. इस बार उन्होंने दो कदम आगे बढ़कर 15 लाख के ईनामी रहे डकैत को अपना भाई बताया.
निशाने पर कौन है ये नहीं पता लेकिन नेताओं से उलट शक्ति प्रदर्शन में विधायक जी ने ये भी कहा कि उनका ढाई किलो का हाथ अब ढाई सौ किलो का हो चुका है. सवाल ये है कि ये ताकत किसे दिखा गए प्रीतम लोधी. प्रीतम लोधी के बयानों की फेहरिस्त निकाली जाए तो बीते तीन महीने के भीतर लगातार छोटे बड़े विवाद उनके बयानों से खड़े होते रहे हैं.

गुटबाज़ी सड़क पर ले आए विधायक पन्नालाल शाक्य
प्रीतम लोधी से पहले बीजेपी के ही विधायक पन्नालाल शाक्य पार्टी के भीतर बढ़ रही गुटबाजी की पूरी कहानी सड़क पर सुना रहे थे. उनके निशाने पर सिंधिया समर्थक मंत्री थे. विधायक शाक्य ने ना केवल इन विधायकों की राजनीति के अंदाज पर कटाक्ष किया, उनके कामकाज पर भी सवाल उठाया और बयान में एक लकीर खींचते हुए ये बताया कि काम नहीं करने वाले ऐसे विधायकों की वे मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे. सवाल ये है कि जो नाराज़गी उन्हें पार्टी फोरम पर उठानी चाहिए विधायक अपनी ही पार्टी के मंत्रियों की कलई सरेआम क्यों उतार रहे हैं.
ग्वालियर-चंबल में बागी तेवर ज्यादा
इत्तेफाक की बात ये है कि मध्य प्रदेश के बाकी इलाकों के मुकाबले ग्वालियर चंबल इन बागी तेवर ज्यादा सुनाई दे रहे हैं. पन्नालाल शाक्य ने प्रदुम्न सिंह तोमर के कामकाज को लेकर खुलकर बयान दिया और एक मंत्री का नाम लिए बिना बताया था कि उनके अंदाज से विधायक को क्या दिक्कत पेश आ रही है. दोनों ही मामलों में निशाना सिंधिया पर था. वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भटनागर कहते हैं "बीजेपी की जिस तरह की कार्यप्रणाली है, उसमें एक्शन भी पूरी इत्मीनान से समय देकर लिया जाता है. फिलहाल जिन विधायकों को लग रहा है कि वो सड़क पर बोलकर नोटिस में ले लिए जाएंगे. संगठन के पास इनका भी नोटिस है."
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लगातार सत्ता में रहने के कारण क्लेश
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भटनागर के अनुसार "एक अनुशासन ही है जो बीजेपी को कांग्रेस से बिल्कुल अलग करता है. लेकिन ये भी सही है कि लगातार सत्ता में रहने की वजह से अब संगठन निष्ठ भाजपा में भी क्लेश दिखाई और सुनाई देने लगा है. सिंधिया गुट से आए नेताओं को इसमें रचने बसने में लगता है और समय लगेगा." वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता शेहरयार खान का कहना है "बीजेपी कई गुटों में बंटी है. बीजेपी में बगावती गुटों की संख्या बढ़ती जा रही है. शिवराज गुट के बाद अब नाराज गुट, महाराज गुट, तोमर गुट जैसे समूह बन चुके हैं. विधायकों की सुनवाई कही नहीं है. वे बड़े नेताओं को भी अपनी पीड़ा से अवगत करवा चुके हैं. लेकिन सुनवाई कहीं नहीं है."

