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मोहन यादव ने किया लोकार्पण, ताले में कैद सांदीपनि स्कूल, टीन शेड में पढ़ रहे बच्चे

29 करोड़ की लागत से चकाचक बना भोपाल में सांदीपनी स्कूल बर्रई, फिर भी जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर बच्चे, सीएम कर चुके लोकार्पण.

BHOPAL SANDIPANI SCHOOL NOT OPEN
ताले में कैद सांदीपनि स्कूल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 5, 2026 at 7:20 PM IST

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भोपाल: राजधानी के कटारा हिल्स इलाके में बना सांदीपनि स्कूल बर्रई के नए भवन का निर्माण पूरा हो गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा बीते 25 नवंबर 2025 को इस नए भवन का शुभारंभ भी कर दिया गया, लेकिन लोकार्पण के एक महीने बाद भी 29 करोड़ रुपए से बना यह सांदीपनि स्कूल ताले में कैद है. आरोप है कि भवन निर्माण का पूरा भुगतान नहीं होने से नाराज ठेकेदार ने नवनिर्मित भवन में ताला डाल दिया है. नतीजतन आधुनिक सुविधाओं से लैस नया स्कूल खाली पड़ा है और 1,082 छात्र जान जोखिम में डालकर जर्जर पुराने भवन में पढ़ने को मजबूर हैं.

पूरा भुगतान नहीं होने से ठेकेदार ने जड़ा ताला

भोपाल के कटारा-बर्रई क्षेत्र में बने सांदीपनि विद्यालय की नई बिल्डिंग का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 नवंबर 2025 को लोकार्पण किया था. 29 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस भव्य भवन में आधुनिक कक्षाएं, संसाधन और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. योजना के मुताबिक लोकार्पण के अगले ही दिन छात्रों को नए भवन में शिफ्ट किया जाना था, लेकिन भुगतान विवाद के चलते यह योजना कागजों में ही रह गई.

BHOPAL SANDIPANI SCHOOL LOCKED
जर्जर स्कूल में पढ़ रहे बच्चे (ETV Bharat)

ठेकेदार और अधिकारी के बीच पिस रहे बच्चे

ठेकेदार मयंक कुमार का कहना है कि "विभाग की ओर से करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए का भुगतान अब तक नहीं किया गया है. जब तक पूरा भुगतान नहीं होगा, तब तक भवन हैंडओवर नहीं किया जाएगा. इसी कारण ठेकेदार ने स्कूल भवन में ताला डाल दिया है. वहीं अभिभावकों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के बीच खींचतान का खामियाजा सीधे बच्चों को भुगतना पड़ रहा है."

BHOPAL BARRAI SANDIPANI SCHOOL
29 करोड़ में बनकर तैयार सांदीपनि स्कूल (ETV Bharat)

बच्चों के साथ स्कूली शिक्षक भी परेशान

स्कूल की शिक्षिकाओं ने बताया कि नए भवन के तैयार होने के बावजूद स्कूल के 1082 छात्र पुराने और जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं. वहां कक्षाओं के लिए पर्याप्त जगह तक नहीं है. सुरक्षा और पढ़ाई दोनों को लेकर हालात चिंताजनक बने हुए हैं. वहीं स्कूल की प्राचार्य साबिया अली ने बताया कि "उन्होंने कई बार उच्च अधिकारियों से नए भवन में शिफ्टिंग की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है."

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पेमेंट की फाइल लोक शिक्षण में अटकी

इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि साढ़े चार करोड़ रुपए के भुगतान की फाइल रिवाइज होकर लोक शिक्षण संचालनालय पहुंच चुकी है. यहां से मंजूरी मिलनी है, लेकिन फाइल फिलहाल ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है. वहीं जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार अहिरवार का कहना है कि "भुगतान से जुड़ा कुछ इश्यू है. वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा."