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बदल जाएगा बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम, ईसी बैठक में प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी

राजा भोज के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक योगदान को सम्मान देने को लिया गया फैसला. अंतिम मुहर राज्य शासन के स्तर से लगना अभी बाकी.

Bhopal Barkatullah University
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का बदलेगा नाम (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : June 4, 2026 at 10:16 AM IST

2 Min Read
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​भोपाल: राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की पहचान अब बदलने जा रही है. विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद (ईसी) की महत्वपूर्ण बैठक में इसका नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है. राजा भोज के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक योगदान को सम्मान देने के लिए यह निर्णय लिया गया है. हालांकि इस फैसले पर अंतिम मुहर राज्य शासन के स्तर से लगना अभी बाकी है.

​राजा भोज के ऐतिहासिक योगदान को सम्मान

कार्यपरिषद (ईसी) की ​बुधवार को आयोजित बैठक में बीयू का नाम बदलने का यह अहम प्रस्ताव पटल पर रखा गया. चर्चा के दौरान सदस्यों ने धार और भोपाल नगरी को बसाने वाले महान शासक राजा भोज के ऐतिहासिक और साहित्यिक कार्यों का उल्लेख किया.

Bhopal Barkatullah University
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का बदलेगा नाम (ETV Bharat)

रजिस्ट्रार डॉ. एसबी सिंह के अनुसार राजा भोज की विरासत को सहेजने और युवाओं को उनकी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने के लिए उनके नाम पर यह नया नामकरण बिल्कुल उचित है. प्रस्ताव अब अंतिम निर्णय के लिए उच्च शिक्षा विभाग और राज्य शासन को भेजा जा रहा है.

नाम बदलने के फैसले पर बैठक में विरोध के स्वर

​इस फैसले के बीच विश्वविद्यालय के अंदर से ही विरोध की आवाज भी सामने आई है. बैठक में ईसी सदस्य, अरबी-पर्शियन विभाग की विभागाध्यक्ष व कला संकाय की डीन डा. ताहेरा अब्बासी ने इस नामकरण प्रस्ताव पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई. उनका तर्क था कि बरकतउल्ला भोपाली देश के एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई थी. इसलिए उनके नाम को विश्वविद्यालय से हटाना या बदलना ठीक नहीं है.

अरबी-पर्शियन विभागों का विलय

इसके अलावा कार्यपरिषद की इस बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे में भी बड़े बदलाव की तैयारी की गई है. शैक्षणिक पुनर्गठन के तहत अरबी और पर्शियन (फारसी) विभागों को मिलाकर अब एक नया तुलनात्मक भाषा एवं संस्कृति विभाग बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है. इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने वाले करीब 30 बीएड कालेजों को नोटिस जारी करने का फैसला भी लिया गया है ताकि वे तय समय में अपनी खामियां दूर कर सकें.