पेरिस में बाग की बहार, मध्य प्रदेश के बिलाल लगवाते हैं छापे, फिर कहते हैं तोहफे में ले जाइए
फ्रांस की राजधानी पेरिस में भी बाग प्रिंट का जादू लोगों पर छाया. मध्य प्रदेश के शिल्पकारों ने लगाए स्टॉल.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 5, 2026 at 4:16 PM IST
भोपाल : दुनिया की फैशन कैपिटल पेरिस में अब मध्य प्रदेश के बाग की धमक भी सुनाई देगी. फ्रांस के प्रतिष्ठित मेलों में शामिल 'फोयर डे पेरिस' में बाग प्रिंट के नेशनल और इंटरनेशनल अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री अपने सांचे और बाग का खास कपड़ा लेकर इस मेले में पहुंचे हैं. एक तरफ बाग की सुंदर कारीगरी फ्रांस के लेगों को बांध रही है, दूसरी तरफ उनके पास ये मौका भी है कि वे इस मेले में ही अपने पसंद का डिजाइन छापे से खुद तैयार करें.
बिलाल फ्रांसिसियों को बाग के रूमाल बनाना सिखाते हैं और उन्हें दोहफे में दे देते हैं. अब तक एक हजार यूरो के बाग प्रिंट के अलग-अलग कपड़े वे यहां बेच चुके हैं. इस वक्त पैरिस में मौजूद मोहम्मद बिलाल खत्री ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा "इस यात्रा के लिए पेरिस के आर्ट से कनेक्ट करते हुए सांचे तैयार किए थे."
सात समन्दर पार बाग की बहार है
कहते हैं दुनिया पेरिस से फैशन का तमीज़ सीखती है. और कोई बड़ी बात नहीं कि अब दुनिया के फैशन में भारत के बाग प्रिंट की भी धमक हो. मध्य प्रदेश के बाग के ही रहने वाले शिल्पकार मोहमम्मद बिलाल खत्री इन दिनों पेरिस में ही फ्रांस के लोगों को कपड़ों पर उतरती एक नदी के पानी की कहानी ना सिर्फ बांच रहे हैं, बल्कि फ्रांसिसियों को बाग प्रिंट करना सिखा भी रहे हैं. भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) विभाग ने फ्रांस के इस आयोजन के लिए मोहम्मद बिलाल खत्री को चुना.

पेरिस का मेला 'फ़ोयर डे पेरिस'
खत्री फ्रांस के पेरिस में आयोजित हो रहे यूरोप के सबसे विशाल और प्रतिष्ठित मेले 'फ़ोयर डे पेरिस' में भारत की नुमाइंदगी कर रहे हैं. बिलाल बताते हैं "हम यहां पर बाग प्रिंट से पूरी दुनिया का परिचय करा रहे हैं. वे सिर्फ हमारी बनाई चीजें खरीद ही नहीं रहे, मैं जो सांचे बना कर लाया हूं, उन सांचों से खुद रूमाल तैयार करते हैं. मैं उन्हें बताता हूं कैसे करना है और फिर ये रूमाल उन्हे तोहफे मे दे दिया जाता है."

पेरिस में 11 मई तक चलेगा मेला
बीती 30 अप्रैल से शुरू हुआ ये मेला 11 मई 2026 तक चलेगा. पेरिस के पोर्टे डे वर्साय में आयोजित इस 12 दिवसीय भव्य आयोजन में बिलाल खत्री बाग प्रिंट हस्तकला का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दे रहे हैं.यहां दुनिया भर के लोग देखते है कि कैसे एक साधारण कपड़े पर पारंपरिक प्राकृतिक रंगों और नक्काशीदार ब्लॉक्स के माध्यम से कला की उत्कृष्ट कृतियां उकेरी जाती हैं. मोहम्मद बिलाल खत्री ने इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए विशेष रूप से यूरोप के आधुनिक कल्चर और वहां की सुरुचिपूर्ण पसंद को ध्यान में रखते हुए अपने उत्पादों को अत्यंत कुशलता से तैयार किया है.
उनकी यह कलाकृति न केवल पारंपरिक भारतीय विरासत का प्रतिनिधित्व कर रही है, बल्कि आधुनिक डिजाइनों के साथ मिलकर एक वैश्विक अपील भी पैदा कर रही है. भारत से 5 श्रेष्ठ शिल्पकारों में चुने गए हैं मोहम्मद बिलाल खत्री कहते हैं "जो सामान हम बनाकर लाए थे, उसकी भी बिक्री हो रही है. अब तक एक हजार यूरो का सामान बिक चुका है."
अपने हाथों से तैयार कर रहे बाग प्रिंट
फ्रांस की राजधानी में आयोजित ‘फोयर डे पेरिस’ के भारतीय पैवेलियन का विधिवत उद्घाटन भारतीय दूतावास की थर्ड सेक्रेटरी वर्धा खान ने किया. उन्होंने खुद भी हाथों से रूमाल पर 'ठप्पा' लगाकर इस प्राचीन कला का खुद तजु्र्बा भी लिया. इसी क्रम में, भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव श्री माधव आर. सल्फुले ने भी प्रदर्शनी में शिरकत कर बाग प्रिंट की समृद्ध विरासत का अवलोकन किया. उन्होंने न केवल इस पारंपरिक कला के इतिहास को जाना, बल्कि खुद अपने हाथों से ब्लॉक प्रिंट करके इसकी बारीकियों को समझा.
- पेरिस में दिखेगा मध्य प्रदेश के बाग प्रिंट का जलवा, कपड़ों पर उभरती कलाकृति जानेंगे विदेशी
- जापान में इंडिया की धूम, मध्य प्रदेश के बाग प्रिंट की दिवानगी जापानियों के सिर चढ़ी
'फ़ोयर डे पेरिस' - कला और नवाचार का महाकुंभ
फ़ोयर डे पेरिस की गिनती यूरोप के पुराने मेलों में होती है. यहां 47 से अधिक देशों के 1,400 से अधिक शिल्पकार कलाकार जुटते हैं और करीब 6 लाख ज्यादा सैलानी यहां आते हैं. इस मेले की खासियत है कि शिल्पकलाओं की अपने एकदम मौलिक रूप में यहां पहुंचती है. बिलाल कहते हैं "ये मेरी खुशकिस्मती है कि मुझे इसका हिस्सा बनने का मौका मिला है."

