ETV Bharat / state

दमकता भोपाल ताल बन रहा काला बदबूदार! मास्टर प्लान बचाएगा बड़े तालाब का नैचुरल पानी

भोपाल की लाइफ लाइन बड़ी झील भयंकर प्रदूषित, छोटी झीलों के भी चौंकाने वाले आंकड़े, कई जगहों पर पानी छूने लायक भी नहीं.

BHOPAL MAIN LAKE TOXIC WATER
संकट में भोपाल की लाइफ लाइन (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 23, 2026 at 3:46 PM IST

|

Updated : February 23, 2026 at 4:11 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की पहचान और उसकी लाइफ लाइन ही अब संकट में है. हम बात कर रहे हैं झीलों के शहर की सबसे बड़ी झील 'बड़ा तालाब' की. वही बड़ा तालाब जो भोपाल वासियों के सूखे कंठों को तर करने के लिए जाना जाता है. कोलार डैम को अगर छोड़ दें तो भोपाल की 40 प्रतिशत से ज्यादा आबादी इसी बड़ी झील पर निर्भर है लेकिन भोपाल वासियों के लिए बुरी खबर यह है कि यही बड़ी झील अब खतरे में है. प्रदूषण और गंदगी के चलते झील का पानी काला, बदबूदार होता जा रहा है. ये कहना गलत नहीं होगा कि अब बड़े तालाब का पानी आचमन लायक भी नहीं बचा है.

बड़ी झील के बुरे हाल, सांसद बोले-लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे

हाल ही में भोपाल कलेक्टर सभागार में बड़े तालाब पर बढ़ते अतिक्रमण और प्रदूषण पर गहरी चिंता भी व्यक्त की गई है. बैठक मे भोपाल सांसद अलोक शर्मा ने बड़े तालाब की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए. लेकिन ये कहना गलत नहीं होगा कि ये एक्शन लेने में काफी देर हो चुकी है. सांसद ने कहा, '' बड़ा तालाब भोपाल की पहचान है और इसके संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.'' लेकिन सवाल ये कि आखिर ऐसी स्थिति बन कैसे गई?

बड़े तालाब के मामले पर सख्त हुए आलोक शर्मा (Etv Bharat)

संकट में भोपाल की लाइफ लाइन

  • बड़ी झील के पानी में बढ़ रही गंदगी
  • कई इलाकों का सीवेज मिल रहा तालाब में
  • 40 प्रतिशत आबादी बड़ी झील के भरोसे
  • कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण व गंदगी से दूषित हो रहा पानी

भोपाल के बाकी तालाबों के हालात बदतर

हाला ही में भोपाल के अन्य तालाब जैसे शाहपुरा, छोटा तालाब, मोतिया तालाब, मुंशी खां और हुसैन तालाब की वॉटर क्वालिटी रिपोर्ट सामने आई है, जो काफी चिंताजनक है. इन सभी तालाबों का खतरनाक बैक्टीरिया और टोटल कैलीफार्म बैक्टीरिया की भारी मात्रा मिली है, साथ ही इन तालाबों के पानी में ऑक्सीजन भी तेजी से घट रहा है. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह कॉलोनियों का ड्रेनेज इन तालाबों में मिलना बताया जा रहा है, जिस वजह से इन झीलों का पीनी छूने लायक भी नहीं है. वहीं, यही हाल अब बडे़ तालाब का होता नजर आ रहा है.

Bhopal main lake toxic water
सांसद बोले-बड़े तालाब के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे (Etv Bharat)

बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में बढ़ रही गंदगी और प्रदूषण

सांसद आलोक शर्मा ने हाल ही में बड़े तालाब में बढ़ते अतिक्रमण और प्रदूषण को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए. बैठक के दौरान बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में हो रहे अतिक्रमण, गंदे नालों के पानी की निकासी और बढ़ते प्रदूषण पर विस्तार से चर्चा की गई. सांसद आलोक शर्मा ने बड़े तालाब की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई है.

Bhopal lake unfit for drinking
कलेक्टर सभागार में बड़े तालाब को लेकर हुई बैठक (Etv Bharat)

यह भी पढ़ें-

सांसद ने तालाब के पास बने अतिक्रमण हटाने, सीवेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था मजबूत करने और तालाब की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं. सांसद अलोक शर्मा ने कहा, '' तालाब के कैचमेंट एरिया में शादी हॉल, व गार्डन बन गए हैं. बड़ी-बड़ी इमारतें बन गई है, जिनका सीवेज तालाब को प्रदूषित कर रहा है. अब केवल मीटिंग लेने से कुछ नहीं होगा 1100 सालों से भोपला का बड़े तालाब का गौरवशाली इतिहास रहा है, ये भोपाल की लाइफ लाइन है पर अब इसके संरक्षण के लिए कड़े कदम उठाने होंगे.'' उन्होंने इसके लिए एक कमेटी बनाने की बात कही. साथ ही बैठक में सभी विभागों को समन्वय बनाकर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

कागजी कार्रवाई नहीं, अब ठोस एक्शन की जूरूरत

भोपाल सांसद ने भले ही कमेटी बनाकर बड़े तालाब के संरक्षण के लिए दिशा-निर्देश दे दिए हैं लेकिन देखना होगा कि तालाबों के संरक्षण और खास तौर पर बड़े तालाब के संरक्षण की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं. झील के आसपास अतिक्रमण और गंदगी करने वालों पर सख्ती की जाती है या एक बार फिर ये कागजी कार्रवाई बनकर रह जाती है. क्योंकि एनजीटी भी बड़े तालाब की स्थित को लेकर सख्त नाराजगी पहले जता चुका है.

Last Updated : February 23, 2026 at 4:11 PM IST