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कैंसर मरीजों की सर्जरी के लिए नहीं करनी पड़ेगी चीर-फाड़, एक छोटे चीरे से होगा सटीक इलाज

एम्स भोपाल में आयोजित ऑन्को-लैप-कान कार्यशाला में रोबोटिक कैंसर सर्जन डॉ शैलेश पुंतम्बेकर ने लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का किया लाइव प्रदर्शन.

LAPAROSCOPIC ROBOTIC CANCER SURGERY
कैंसर मरीजों की सर्जरी के लिए नहीं करनी पड़ेगी चीर-फाड़ (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : March 3, 2026 at 2:59 PM IST

2 Min Read
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भोपाल: कैंसर सर्जरी का नाम सुनते ही बड़े ऑपरेशन और लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की चिंता मन में आती है. लेकिन अब तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि जटिल कैंसर ऑपरेशन भी एक छोटे चीरे के माध्यम से संभव है. एम्स भोपाल में आयोजित ऑन्को-लैप-कान 2026 कार्यशाला में इस आधुनिक तकनीक को लेकर देशभर से आए विषय विशेषज्ञों ने मंथन किया. जिससे कैंसर सर्जरी के बाद मरीजों को सुरक्षित उपचार और तेज रिकवरी का लाभ मिल सके.

कार्यशाला में किया गया लाइव प्रदर्शन

बता दें कि एम्स भोपाल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने भोपाल ऑन्कोलॉजी सोसाइटी के सहयोग से एक दिवसीय लाइव शल्य कार्यशाला का आयोजन किया था. इस कार्यशाला का विषय था न्यूनतम चीरा कैंसर सर्जरी को सरल बनाना. इसमें अन्नप्रणाली कैंसर, बड़ी आंत कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जैसी जटिल बीमारियों की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का लाइव प्रदर्शन किया गया.

BHOPAL AIIMS ONCO LAP CON WORKSHOP
रोबोटिक कैंसर सर्जन डॉ शैलेश पुंतम्बेकर ने लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का किया लाइव प्रदर्शन (ETV Bharat)

रक्तस्त्राव और दर्द में भी कमी

इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें भारत के प्रसिद्ध लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक कैंसर सर्जन डॉ शैलेश पुंतम्बेकर भी शामिल हुए. उन्होंने लाइव सर्जरी के दौरान उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए बताया कि "छोटे चीरे से की जाने वाली सर्जरी में दर्द कम होता है. इससे रक्तस्राव भी कम होता है और मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है."

70 विशेषज्ञ और प्रशिक्षणार्थी हुए शामिल

एम्स भोपाल के डायरेक्टर और सीईओ डॉ माधवानन्द कर ने बताया कि "ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों का उद्देश्य आधुनिक शल्य तकनीकों को अधिक से अधिक डॉक्टरों तक पहुंचाना है, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके. करीब 70 विशेषज्ञों और प्रशिक्षणार्थियों ने इस कार्यशाला में भाग लेकर आधुनिक तकनीकों की बारीकियां सीखीं."

SURGICAL ONCOLOGY DEPARTMENT AIIMS
70 विशेषज्ञ और प्रशिक्षणार्थी हुए शामिल (ETV Bharat)

डॉ माधवानंद ने कहा कि "एम्स भोपाल इस पहल के साथ कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई दिशा तय करता दिख रहा है, जहां मरीजों को कम दर्द, कम जोखिम और तेज रिकवरी का भरोसा मिल रहा है."