HTET परीक्षा में संकटमोचक बनी भिवानी पुलिस, समय पर केंद्र पहुंचाकर संवारा युवाओं का भविष्य
HTET परीक्षा में भिवानी ने सेवा, सुरक्षा, सहयोग की अनूठी मिशाल पेश की.

Published : July 5, 2026 at 8:16 PM IST
भिवानी: हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के दौरान जिला भिवानी में खाकी का एक ऐसा मानवीय और मददगार चेहरा सामने आया, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखा, बल्कि सैकड़ों परीक्षार्थियों के भविष्य को भी समय पर टूटने से बचा लिया. दो दिनों तक संचालित हुई एचटेट परीक्षा में भिवानी जिला पुलिस ने अपने मूल ध्येय वाक्य सेवा, सुरक्षा, सहयोग को धरातल पर सच कर दिखाया.
प्रमुख जगहों पर राइडर टीमें थीं तैनातः परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर भिवानी एसपी सुमित कुमार बेहद गंभीर थे. उनके सख्त और संवेदनशील निर्देशानुसार जिला पुलिस ने परीक्षाओं के दौरान परीक्षार्थियों की सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष खाका तैयार किया था. एसपी के आदेश पर जिला पुलिस की राइडर टीमों, डायल-112 वाहनों और अन्य पुलिस गाड़ियों को शहर के सभी प्रमुख चौराहों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील मोड़ों पर तैनात किया गया था. इस पुख्ता रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह था कि कोई भी परीक्षार्थी रास्ता भटकने या साधन न मिलने के कारण परीक्षा से वंचित न रह जाए.
सुरक्षा के साथ साथ-साथ सेवा की मिशालः परीक्षा के दोनों दिन शनिवार और रविवार को भिवानी की सड़कों पर पुलिसकर्मी केवल सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं संभाल रहे थे, बल्कि वे परीक्षार्थियों के लिए मार्गदर्शक और सहायक की भूमिका में भी नजर आए. इस दौरान कई ऐसे मौके आए जब दूर-दराज से आए परीक्षार्थी परीक्षा का समय नजदीक होने के कारण घबराए हुए थे. ऐसे में मुस्तैद राइडर और मोटरसाइकिल पुलिस टीमों ने बिना समय गंवाए तत्परता दिखाई. पुलिस कर्मियों ने घबराए हुए परीक्षार्थियों को अपने वाहनों पर बैठाया और हूटर बजाते हुए ट्रैफिक के बीच से सुरक्षित और सही समय पर उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया.
अभिभावक की भिवानी पुलिस ने की मददः वहीं दूसरी तरफ परीक्षा केंद्रों के आसपास अक्सर लगने वाले जाम की समस्या से निपटने के लिए भिवानी पुलिस ने पहले से ही मोर्चा संभाल रखा था. ट्रैफिक पुलिस ने सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखी, जिससे न तो परीक्षार्थियों को असुविधा हुई और न ही आम जनता को किसी जाम का सामना करना पड़ा. परीक्षा केंद्र के ठीक बाहर ऐन वक्त पर पहुंचने वाले कई अभ्यर्थियों की आंखों में पुलिस की इस तत्परता को देखकर खुशी के आंसू आ गए. अभ्यार्थियों ने कहा कि उन्हे परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में समस्याएं आ रही थी, जिसके बाद उन्होंने डायल-112 पर फोन किया. तुरंत प्रभाव से पुलिसकर्मी उनके बताए स्थान पर पहुंचे और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया, जिसके चलते वे अपनी परीक्षा दे पाए. अभ्यार्थियों का कहना था कि "पुलिस ने जिस तरह एक अभिभावक की तरह आगे बढ़कर युवाओं की मदद की, उसने खाकी के प्रति जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत किया है.

