भिवानी मनीषा मौत मामला: सीबीआई जांच में देरी से बढ़ा लोगों में आक्रोश, 9 मार्च को ग्रामीण DC को सौंपेंगे ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी
मनीषा मौत मामले में सीबीआई जांच के खुलासे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है.

Published : March 2, 2026 at 2:30 PM IST
भिवानी: जिले के लोहारू क्षेत्र के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी मनीषा की मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर बूढ़ेड़ा कन्नी की पंचायत का आयोजन गांव ढाणी लक्ष्मण के चौक में किया गया. पंचायत की अध्यक्षता कन्नी प्रधान सतबीर बूढ़ेड़ा ने की, जबकि मंच संचालन धर्मपाल बारवास ने संभाला. इस पंचायत में क्षेत्र के आठ गांवों सहित सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं की भागीदारी भी बड़ी संख्या में देखने को मिली. पंचायत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में मनीषा को न्याय दिलाने की बात कही.
सीबीआई जांच में देरी से बढ़ा आक्रोश: पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि लोगों की मांग पर सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी, लेकिन निर्धारित समयावधि पूरी होने के बावजूद अब तक जांच का खुलासा नहीं हुआ है. जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने और दोषियों की गिरफ्तारी न होने से क्षेत्र के लोगों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है. पंचायत में यह सवाल प्रमुखता से उठाया गया कि आखिर जांच कहां तक पहुंची और अभी तक परिणाम सामने क्यों नहीं आया.
7 मार्च से पदयात्रा का ऐलान: बूढ़ेड़ा कन्नी की पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 7 मार्च से मनीषा मौत मामले में सीबीआई जांच के खुलासे की मांग को लेकर पदयात्रा निकाली जाएगी. यह यात्रा गांव ढाणी लक्ष्मण से शुरू होकर 9 मार्च को भिवानी उपायुक्त कार्यालय पहुंचेगी. उपायुक्त कार्यालय के बाहर एक और पंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा.
किसान नेता मेवा सिंह आर्य का बयान: किसान नेता एवं कमेटी के प्रधान मेवा सिंह आर्य ने कहा कि, "पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि मनीषा को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा. 7 मार्च को ढाणी लक्ष्मण से शुरू होने वाली पदयात्रा 9 मार्च को भिवानी उपायुक्त कार्यालय पहुंचेगी, जहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सीबीआई जांच की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की जाएगी."
“न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा”: किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि, "जिस दिन मनीषा का दाहसंस्कार हुआ था, उसी दिन समाज ने यह संकल्प लिया था कि अंतिम संस्कार के साथ आंदोलन समाप्त नहीं होगा. पहले भी एक दिन का अनशन कर सीबीआई को यह संदेश दिया गया था कि समाज जागरूक है और जांच पर नजर बनाए हुए है. अब हरियाणा सरकार के माध्यम से सीबीआई से जवाब मांगा जाएगा कि जांच कहां तक पहुंची है और यदि जांच पूरी हो चुकी है तो दोषियों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया."
आंदोलन की चेतावनी: पंचायत में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही जांच का खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. उपायुक्त कार्यालय के बाहर 9 मार्च को होने वाली बैठक में आगामी रणनीति तय की जाएगी. क्षेत्र के लोगों ने कहा कि बेटी मनीषा को न्याय दिलाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे.
जानें पूरा मामला: दरअसल, 11 अगस्त 2025 को मनीषा प्ले स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए गई थी, लेकिन वह घर वापस नहीं लौटी. दो दिन बाद 13 अगस्त को उसका शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला. परिवार ने हत्या का आरोप लगाया, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया. हालांकि 18 अगस्त को पुलिस ने इसे आत्महत्या करार दिया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया. बढ़ते विरोध को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम कराया गया और जांच सीबीआई को सौंप दी गई.
ये भी पढ़ें:मनीषा डेथ मिस्ट्री: कल 8 गावों की महापंचायत, सीएम से मुलाकात करेगी 11 सदस्यीय कमेटी
ये भी पढ़ें:भिवानी में मनीषा मौत मामले में फिर उठी इंसाफ की आवाज, सीबीआई से केस प्रोग्रेस रिपोर्ट की मांग

