नए साल पर भिवानी के किसानों के लिए खुशखबरी, 417 करोड़ की लागत से बनेगी भिवानी घघ्घर ड्रेन
Bhiwani Ghaggar Drain: भिवानी को जल्द ही बाढ़ के पानी से निजात मिल सकती है. 417 करोड़ की लागत से जल्द भिवानी घघ्घर ड्रेन बनेगी.

Published : January 1, 2026 at 8:40 AM IST
भिवानी: नया साल भिवानी के किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है. दरअसल जिला प्रशासन ने अत्याधिक बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए बनाई गई भिवानी-घघ्घर ड्रेन को आरसीसी (रेनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) से बनाए जाने की योजना तैयार की है. इस योजना पर करीब 417 करोड़ रुपये की लागत आएगी. डीसी साहिल गुप्ता के निर्देशानुसार सिंचाई विभाग ने इस एस्टीमेट को चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा है.
भिवानी घघ्घर ड्रेन: बरसात के मौसम के दौरान खेतों में जलभराव की स्थिति बनने पर उस पानी को भिवानी घघ्घर ड्रेन में डाला जाता है. पानी के दबाव से ड्रेन के टूटने की स्थिति भी बन जाती है, इससे खेतों में नुकसान और अधिक बन जाता है. नुकसान के बचाव को लेकर डीसी साहिल गुप्ता के निर्देशानुसार सिंचाई विभाग ने ड्रेन को आरसीसी से बनाने की योजना तैयार की है, जो गांव बापोड़ा के समीप से हिसार जिला के गांव दाहिमा तक है, जिसकी लंबाई करीब 51 किमी है.
चंडीगढ़ भेजा गया ड्रेन का एस्टीमेट: सिंचाई विभाग ने ड्रेन के आरसीसी बनाए जाने के एस्टीमेट को तैयार कर चंडीगढ़ मुख्यालय भेज दिया है. ड्रेन के आरसीसी बनने के बाद इसके टूटने की नौबत नहीं आएगी, वहीं दूसरी ओर इसकी क्षमता भी बढ जाएगी, जिससे किसानों को काफी हद तक राहत मिलेगी. वहीं दूसरी और डीसी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर गांव बापोड़ा और सुई के नजदीक क्षेत्र में भिवानी-घघ्घर ड्रेन का निरीक्षण किया.
ड्रेन से लगती 70 प्रतिशत जमीन पर बिजाई नहीं: बापोड़ा गांव के सरपंच सुग्रीव ने डीसी को बताया कि जलभराव होने से ड्रेन के साथ लगती करीब 70 प्रतिशत खेतों की जमीन पर बिजाई नहीं हो पाई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव बापोड़ा से बलियाली तक ड्रेन में पत्थरों द्वारा कार्य करवाया जाना है, लेकिन वह कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन उसके बाद आगे नहीं हुआ.
डीसी ने दिया समाधान का आश्वासन: इस पर डीसी ने ग्रामीणों को बताया कि इस कार्य की सिंचाई विभाग से पूरी जानकारी ली जा रही है. इसी के चलते मौके पर आकर निरीक्षण किया गया है. जिला प्रशासन का हर संभव प्रयास है कि किसानों को नुकसान ना उठाना पड़े. इस दौरान डीसी ने बिजली निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव बापोड़ा के आबादी क्षेत्र से पानी निकासी होने तक बिजली की निर्बाध रूप से आपूर्ति हो और कनेक्षन ना काटें जाएं.
सीएम नायब सैनी ने भी की समीक्षा: वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीसी के माध्यम से प्रदेशभर के सभी डीसी से बात की. उन्होंने बाढ़ राहत एवं जल निकासी से संबंधित प्रस्तावित परियोजनाओं में शामिल जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की स्थायी निकासी, नालों एवं पुलियों की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था में सुधार, मार्गों का सुदृढ़ीकरण तथा वर्षा जल प्रबंधन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाढ़ से राहत के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध होने चाहिए, जिनकी समय रहते खरीद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सभी ड्रेनों की सफाई होना जरूरी है.

