भिलाई स्टील प्लांट की सभी जमीनों और भवनों का होगा सर्वे, 15 सदस्यीय टीम गठित
भिलाई स्टील प्लांट में संपत्ति कर विवाद के बीच नया आदेश जारी हुआ है. पढ़िए पूरी खबर

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 1, 2026 at 10:50 PM IST
दुर्ग: भिलाई इस्पात संयंत्र और भिलाई नगर निगम के बीच लंबे समय से चल रहा संपत्ति कर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है.नगर निगम का कहना है कि बीएसपी द्वारा प्रस्तुत संपत्तिकर स्वविवरणी में संयंत्र की सभी परिसंपत्तियों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है. इसी कारण निगम ने बीएसपी की सभी जमीनों और भवनों की नापजोख एवं सर्वे कराने का निर्णय लिया है.
भिलाई नगर निगम का फैसला
भिलाई नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने इस कार्य के लिए 15 सदस्यीय टीम का गठन किया है. टीम को संयंत्र क्षेत्र में स्थित खाली जमीनों, टाउनशिप के सभी कंपनी आवासों, इस्पात भवन और नगर सेवाएं भवन का सर्वे होगा. इसके अलावा सेक्टर-9 अस्पताल, विभिन्न कार्यालयों, दुकानों, सामाजिक, धार्मिक एवं शैक्षणिक भवनों तथा लीज पर दिए गए आवासों का सर्वे किया जाएगा. इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी 15 सदस्यीय टीम को सौंपी गई है.
सर्वे टीम के बारे में जानकारी
सर्वे कार्य के लिए अपर आयुक्त राजेन्द्र कुमार दोहरे को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि अनिल मेश्राम और बसंत कुमार देवांगन को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. निगम प्रशासन ने छत्तीसगढ़ नगरपालिका नियम-2021 के नियम 14 का हवाला देते हुए कहा है कि यदि संपत्ति का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो स्थानीय निकाय को स्वयं सर्वे और नापजोख कराने का अधिकार है.

अधिकांश सर्वे कार्य पूरा
अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार दोहरे का कहना है कि राज्य सरकार की अनुमति से आईआईटी भिलाई के माध्यम से ड्रोन सर्वे का कार्य प्लांट एरिया को छोड़कर पूरा किया जा चुका है. अब सत्यापित डाटाबेस के आधार पर बीएसपी की वास्तविक परिसंपत्तियों का आकलन कर नियमानुसार संपत्ति कर निर्धारित किया जाएगा. निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में बीएसपी प्रबंधन का सहयोग मिल रहा है. नगर निगम ने कहा है कि यह पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है.

