कबाड़ बन चुकी सिटी बसें होंगी नीलाम, एमएसटीसी के माध्यम से लगेगी बोली, ईटीवी ने प्रमुखता से दिखाई थी खबर
भिलाई नगर निगम ने डिपो में खड़ी सिटी बसों को नीलाम करने का फैसला लिया है.ताकि निगम के घाटे की भरपाई हो सके.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 9, 2026 at 7:05 PM IST
दुर्ग : दुर्ग जिले में शहरवासियों की सुविधा के नाम पर शुरू की गई सिटी बस सेवा भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बन चुकी है.ईटीवी भारत ने जनता के लिए शुरु गई बस सेवा की बदहाल तस्वीर कई बार प्रमुखता से दिखाई.हमने दिखाया था कि कैसे जनता के पैसों से शुरु की गई करोड़ों की लागत वाली बस सेवा दम तोड़ रही है. करोड़ों की लागत से खरीदी गई बसें अब डिपो में कबाड़ बनकर खड़ी हैं.लगातार खबर दिखाए जाने के बाद आखिरकार प्रशासन अब हरकत में आया है.
न चोरी रोकने की व्यवस्था, न सुरक्षा और न ही समय पर कोई जांच
हैरानी की बात ये है कि चोरी की शिकायत थाने में लंबित है लेकिन अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है. अब इन 69 बसों को मेटल स्क्रेप ट्रेड कार्पोरेशन लिमिटेड (एमएसटीसी) के माध्यम से नीलाम किया जा रहा है. यह तीसरी बार नीलामी की कोशिश है क्योंकि पिछली दो बार संतोषजनक बोली नहीं लग पाई.


इस बार न्यूनतम मूल्य 2 करोड़ 75 लाख रुपये तय किया गया है और सिर्फ एमएसटीसी पोर्टल पर पंजीकृत बिडर ही भाग ले सकेंगे. यह कार्रवाई जिला कलेक्टर के आदेश पर की जा रही है- राजीव पांडेय,आयुक्त भिलाई नगर निगम
20 करोड़ की लागत से खरीदी गईं थी बसें
भिलाई नगर पालिका निगम ने साल 2018 में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई 69 बसों को जर्जर घोषित कर दिया है. इन बसों का रखरखाव समय पर नहीं किया गया, इसलिए संचालन एजेंसी को पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है. अगर मौजूदा समय की बात करें तो स्थिति ये है कि डिपो में खड़ी बसों के लगभग 60 प्रतिशत पार्ट्स चोरी हो चुके हैं.
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