भाटापारा में अविनाश इंडस्ट्रीज पर कार्रवाई, वायरल वीडियो के बाद 'युवराज पोहा' का लाइसेंस निलंबित
हाइजीन का ध्यान नहीं रखते हुए पोहे की पैकिंग में लापरवाही का एक वीडियो वायरल हुआ था. इसके बाद अविनाश इंडस्ट्रीज पर छापा मारा गया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 20, 2026 at 8:07 PM IST
बलौदाबाजार: जिले के भाटापारा स्थित अविनाश इंडस्ट्रीज की ‘युवराज पोहा’ फैक्ट्री का लाइसेंस प्रशासन ने निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद की गई, जिसमें पोहा पैकिंग के दौरान सफाई व्यवस्था नहीं होने के साथ ही बाकी लापरवाही भी दिख रही थी.
वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप
वीडियो में कर्मचारी खुले पोहे के ढेर पर बैठे नजर आए. कई लोग बिना मास्क, हेड कवर और ग्लव्स के पोहा पैक कर रहे थे. वीडियो वायरल होते ही लोगों ने सवाल उठाए कि क्या बाजार में बिक रहा पैक्ड पोहा सुरक्षित है.

कलेक्टर के निर्देश पर छापा, ये खामियां मिलीं
जिले के कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने खोखली स्थित फैक्ट्री में छापा मारा. जांच के दौरान पाया गया कि कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण के काम कर रहे थे. सफाई व्यवस्था ठीक नहीं थी. कर्मचारियों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था. साथ ही कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल) की व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी. इन गड़बड़ियों के आधार पर फैक्ट्री का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया.
सैंपल जांच के लिए भेजा गया
निरीक्षण के दौरान नायलॉन पोहा का नमूना लेकर लैब में जांच के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी. जब तक लाइसेंस बहाल नहीं होता, फैक्ट्री का संचालन नहीं किया जा सकेगा.
खाद्य सुरक्षा कानून क्या कहता है?
भारत में खाद्य सुरक्षा की निगरानी Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) करता है. खाद्य पैकिंग के दौरान मास्क, ग्लव्स, हेयर कैप होना जरूरी है. साथ ही साफ-सुथरा वातावरण अनिवार्य माना जाता है. इन नियमों का पालन न करने से फूड पॉइजनिंग और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
फैक्ट्री संचालक की सफाई
फैक्ट्री संचालक रुपेश किंगलानी ने कहा कि वीडियो पुराना हो सकता है. उन्होंने दावा किया कि आगे से निगरानी बढ़ाई जाएगी, CCTV लगाए जाएंगे और प्रबंधन मजबूत किया जाएगा. हालांकि जांच में पाई गई गड़बड़ियों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है.
आगे क्या होगा?
फिलहाल लाइसेंस सस्पेंडकर दिया गया है वही लैब रिपोर्ट का इंतजार भी है. इसके अलावा कमियां सुधारने के निर्देश दिए गए हैं. जरूरत पड़ने पर जुर्माना या लाइसेंस रद्द भी हो सकता है. फिलहाल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होगा.
यह घटना बताती है कि केवल चमकदार पैकेजिंग देखकर भरोसा न करें. संदेह होने पर शिकायत जरूर करें. खाद्य सुरक्षा सीधे स्वास्थ्य से जुड़ी है.
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