रामगढ़ के नेमरा से देवेंद्र नाथ महतो ने शुरू की ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’, 24 जिलों तक पहुंचेगा अभियान
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रामगढ़ से ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ की शुरुआत की. यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों तक पहुंचेगी.

Published : August 24, 2026 at 7:58 PM IST
रामगढ़ः झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब राज्यव्यापी जनजागरण अभियान का रूप लेने जा रहा है. आंदोलनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोमवार, 24 अगस्त को रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव के लुकैयाटांड़ से ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ की शुरुआत की. यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों तक पहुंचेगी.
लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया
'लुकैयाटांड़' को यात्रा की शुरुआत के लिए चुना जाना भी खास माना जा रहा है. नेमरा स्मृतिशेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पैतृक गांव है साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पैतृक निवास भी है और लुकैयाटांड़ में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित है. देवेंद्र नाथ महतो ने पारंपरिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद यात्रा की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने झारखंड के तमाम आंदोलनकारियों और शहीदों को नमन करते हुए भर्ती व्यवस्था में स्थायी सुधार की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
जनजागरण अभियान चलाया जाएगा
यात्रा के दौरान छात्रों, युवाओं, शिक्षकों, प्रोफेसरों, अधिवक्ताओं और आम लोगों के बीच जनजागरण अभियान चलाया जाएगा. आंदोलनकारियों की रणनीति है कि लॉज, हॉस्टल, कॉलेज कैंपस, विश्वविद्यालय, पुस्तकालय और चौक-चौराहों तक पहुंचकर युवाओं को भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए.
'24 जिलों तक गूंजेगी न्याय की आवाज': उम्मे हबीबा
भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा को लेकर बोकारो निवासी उम्मे हबीबा ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य JSSC और JPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ आवाज उठाना तथा पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग को मजबूत करना है. यात्रा शिबू सोरेन की जन्मभूमि और पैतृक गांव नेमरा से शुरू हो रही है. जल, जंगल और जमीन के अधिकार के लिए शिबू सोरेन के संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज झारखंड के युवा भर्ती परीक्षाओं के विवादों से निराश हैं. 'हम चाहते हैं कि न्याय की यह आवाज नेमरा से उठकर झारखंड के सभी 24 जिलों तक पहुंचे और छात्रों को इंसाफ मिले.'

‘24 जिले, 24 संकल्प और एक आवाज-भर्ती व्यवस्था में सुधार’: देवेंद्र नाथ महतो
यात्रा की शुरुआत के मौके पर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि झारखंड के छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है. उन्होंने कहा, '24 जिले, 24 संकल्प और एक आवाज- भर्ती व्यवस्था में सुधार' के नारे के साथ यह यात्रा हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह समेत झारखंड के सभी 24 जिलों तक जाएगी. उनका कहना है कि आंदोलन किसी एक परीक्षा अथवा किसी एक भर्ती तक सीमित नहीं है. लक्ष्य ऐसी स्थायी और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें पेपर लीक, धांधली, पक्षपात और अनुचित माध्यम से नौकरी हासिल करने की कोई गुंजाइश नहीं रहे.
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार की ओर से कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और मामलों की जांच के फैसले के बावजूद मूल सवाल अभी भी कायम है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था कब बनेगी.

सखुआ का पौधा लगाकर लिया सुधार का संकल्प
यात्रा के दौरान सखुआ का पौधा लगाने को भी आंदोलन से जोड़ा गया. देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह महज पौधरोपण नहीं, बल्कि एक संकल्प का रोपण है. संकल्प यह है कि झारखंड के किसी भी छात्र का भविष्य भर्ती व्यवस्था की गड़बड़ी के कारण बर्बाद न हो. भविष्य में पेपर लीक नहीं हो, भर्ती परीक्षाओं में धांधली नहीं हो और किसी अनुचित माध्यम से नौकरी हासिल करने की स्थिति पैदा न हो इसी उद्देश्य को लेकर यह अभियान चलाया जा रहा है.
न्यायिक लड़ाई के लिए लीगल टीम भी रहेगी साथ
देवेंद्र नाथ महतो ने यह भी बताया कि यात्रा में अधिवक्ताओं की लीगल टीम भी शामिल है. भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में जो छात्र न्यायिक लड़ाई का हिस्सा बनना चाहते हैं, उन्हें आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत इस लड़ाई से जोड़ा जाएगा. भर्ती से जुड़े कई मामले अब न्यायालय तक पहुंच चुके हैं. ऐसे में छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को सड़क से लेकर न्यायालय तक मजबूती के साथ लड़ने की तैयारी है.
CID जांच पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
CID जांच को लेकर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आंदोलन के दौरान उठाई गई कई मांगों को सरकार ने माना है, लेकिन मामला अब न्यायालय में पहुंच चुका है. ऐसे में सरकार द्वारा कराई जा रही CID जांच की रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और इसकी रिपोर्ट को मजबूती के साथ अगली सुनवाई में न्यायालय के समक्ष रखा जाए, ताकि पूरे मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत उचित निर्णय हो सके.
FIR से नहीं घबराएंगे
आंदोलन के दौरान दर्ज हो रही FIR को लेकर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वे मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं. 'हम FIR से घबराने वाले नहीं हैं. अधिकार और न्याय की लड़ाई लड़ने वालों पर पहले भी मुकदमे दर्ज होते रहे हैं.'
15 सितंबर की सुनवाई पर टिकी नजर
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आगामी 15 सितंबर को होने वाली महत्वपूर्ण न्यायिक सुनवाई पर छात्रों की नजर है. यदि सरकार छात्रों के पक्ष को मजबूती से न्यायालय के सामने नहीं रखती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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