Bharatpur Crime : सजायाफ्ता कैदी की मौत, हत्या के मामले में काट रहा था आजीवन कारावास की सजा
आरबीएम जिला अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती एक सजायाफ्ता कैदी की सोमवार देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई.

Published : February 24, 2026 at 1:22 PM IST
भरतपुर: हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा बंदी पिछले तीन दिन से अस्पताल में भर्ती था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई. मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके.
सेवर केंद्रीय कारागार के अधीक्षक परमजीत सिंह ने बताया कि शहर के आरबीएम जिला अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कैदी नदबई निवासी मोहित उर्फ मोनू की देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई. वह धारा 302 (हत्या) के मामले में दोषी करार दिया जा चुका था और आजीवन कारावास की सजा काट रहा था. 18 फरवरी को ही उसे जेल में दाखिल किया गया था.
परमजीत सिंह ने बताया कि जेल में रहते हुए 21 फरवरी को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत आरबीएम अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराया गया. जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन सोमवार देर रात उसने दम तोड़ दिया. बंदी की मौत की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई.
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नियमानुसार अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट को सूचित किया गया. मजिस्ट्रेट के आदेश पर मेडिकल बोर्ड गठित कर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. मेडिकल बोर्ड में विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं, जो मौत के कारणों की विस्तृत जांच करेंगे. वहीं, सूचना पाकर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत बीमारी के चलते हुई या किसी अन्य कारण से.
जेल अधीक्षक परमजीत ने बताया कि बंदी को समय पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई थी और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई, फिर भी पूरे मामले की नियमानुसार जांच करवाई जाएगी.

