ETV Bharat / state

सेना क्षेत्र की सुरक्षा कड़ी : 2 किमी परिधि में ड्रोन और मानवरहित यंत्रों पर पाबंदी, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई

राजस्थान के भरतपुर में आयुध डिपो और कंजौली लाइन सेना क्षेत्र के आसपास ड्रोन, पैराग्लाइडर और अन्य मानवरहित हवाई यंत्रों के संचालन पर प्रतिबंध.

Bharatpur Administration
भरतपुर प्रशासन की बैठक (Source : Bharatpur Administration)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 25, 2026 at 8:27 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

भरतपुर: जिले में स्थित सेना के संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. आयुध डिपो और कंजौली लाइन सेना क्षेत्र के आसपास ड्रोन, पैराग्लाइडर और अन्य मानवरहित हवाई यंत्रों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. निर्धारित 2 किमी की परिधि में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

जिला मजिस्ट्रेट कमर चौधरी ने आदेश जारी कर बताया कि यह प्रतिबंध भरतपुर स्थित 39 युद्ध क्षेत्र गोला-बारूद भंडारण (मिलिट्री एरिया) आयुध डिपो परिसर तथा कंजौली लाइन सेना क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है. आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है.

2 किमी परिधि में पूर्ण प्रतिबंध : आदेशानुसार आयुध डिपो परिसर से 2 किलोमीटर की परिधि में तथा कंजौली लाइन सेना क्षेत्र की बाहरी दीवार से 1 किलोमीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के ड्रोन या अन्य मानवरहित हवाई यंत्रों के उड़ान संचालन पर पूर्ण रोक रहेगी.

पढ़ें : भारतीय सेना ने रेतीले धोरों में बरसाई 'आग', दिखाई अपनी मारक क्षमता

इसके अतिरिक्त आयुध डिपो क्षेत्र में 2 से 3 किलोमीटर तथा कंजौली लाइन क्षेत्र में 1 से 2 किलोमीटर की परिधि में 20 फीट तक की ऊंचाई में भी बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति किसी प्रकार की हवाई गतिविधि नहीं की जा सकेगी.

अनुमति लेना अनिवार्य : उन्होंने बताया कि यदि किसी विभागीय या अधिकृत कार्य के लिए ड्रोन संचालन आवश्यक हो, तो संबंधित स्थानीय सैन्य प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी. ड्रोन उड़ान का स्थान, समय, उद्देश्य, संचालक का नाम और संपर्क विवरण संबंधित सुरक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 8690001922 तथा जिला कार्यालय को पूर्व सूचना के रूप में देना अनिवार्य किया गया है.

उन्होंने बताया कि आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, यह आदेश सेना, पुलिस, सशस्त्र बल, होमगार्ड, रेलवे, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों में संलग्न अधिकृत सरकारी अधिकारियों पर लागू नहीं होगा. जिला मजिस्ट्रेट कमर चौधरी ने आमजन से अपील की है कि वे सेना क्षेत्र, गोला-बारूद भंडारण और अन्य संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन का सहयोग करें तथा बिना अनुमति ड्रोन या अन्य मानवरहित हवाई यंत्रों का संचालन न करें. यह आदेश 20 फरवरी 2026 से प्रभावी होकर आगामी आदेश तक लागू रहेगा.