बीजेपी ने यूपी में बचे हुए 14 में से 11 जिलाध्यक्ष घोषित किए, बनाए रखा जातीय संतुलन
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन विस्तार के तहत शुक्रवार की शाम को 11 जिलाध्यक्षों की घोषणा की.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 10:30 PM IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन विस्तार के तहत शुक्रवार की शाम को 11 जिलाध्यक्षों की घोषणा की है. राज्य के कुल बचे हुए 14 जिलाध्यक्षों में से ये 11 नाम घोषित किए गए हैं. भारतीय जनता पार्टी की ओर से विगत वर्ष कल 98 में से 84 जिला अध्यक्ष घोषित किए गए थे और 14 बचे हुए थे.
2027 विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की जातीय संतुलन और संगठन मजबूती की रणनीति दिखाने की कोशिश की है. भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने यह सूची जारी की है. पिछले साल 84 जिला अध्यक्ष घोषित हुए थे और लंबे समय से बचे हुए जिला अध्यक्षों की घोषणा नहीं की गई थी.

- शामली- रामजी लाल कश्यप (कश्यप)
- अमरोहा- उदय गिरि गोस्वामी (ब्राह्मण)
- सहारनपुर- अजीत सिंह राणा (ठाकुर/क्षत्रिय)
- बागपत- नीरज शर्मा (ब्राह्मण)
- पीलीभीत- गोकुल प्रसाद मौर्य (मौर्य/ओबीसी)
- लखीमपुर खीरी- अरविन्द गुप्ता (वैश्य/बनिया)
- गोंडा- इकबाल बहादुर तिवारी (ब्राह्मण)
- अयोध्या- राधे श्याम त्यागी (पासी/दलित)
- अयोध्या महानगर- कमलेश श्रीवास्तव (कायस्थ)
- मीरजापुर- लाल बहादुर सरोज (पासी/दलित)
- सिद्धार्थनगर- दीपक मौर्य (मौर्य/ओबीसी)
जाति के आधार पर ब्राह्मण 3 अमरोहा, बागपत, गोंडा में। पासी (दलित/एससी) 2 अयोध्या जिला और मीरजापुर, मौर्य (ओबीसी) 2 पीलीभीत, सिद्धार्थनगर, कश्यप 1 शामली, ठाकुर (क्षत्रिय)1 सहारनपुर, वैश्य 1 लखीमपुर, कायस्थ 1 अयोध्या महानगर.
जाति संतुलन की नजर सेब्राह्मणों को सबसे ज्यादा 3 जिलों में प्रतिनिधित्व मिला है, जो पार्टी की पारंपरिक ऊपरी जाति आधार को मजबूत करने का संकेत देता है. दलितों (पासी) को 2 महत्वपूर्ण जिलों में जगह दी गई है, जो एससी वोट बैंक को साधने की कोशिश दिखती है. ओबीसी (मौर्य) को भी 2 पद मिले हैं, लेकिन अन्य प्रमुख ओबीसी समूहों जैसे यादव, कुर्मी का यहां जिक्र नहीं है.
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