भरत तिवारी की तेरहवीं, 25 हजार लोगों के खाने की व्यवस्था, मां बोलीं- न्याय का इंतजार
भोजपुर एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की आज तेरहवीं हैं. श्राद्ध-कर्म को लेकर पूरी व्यवस्था की गई है. पढ़ें खबर

Published : June 30, 2026 at 3:45 PM IST
भोजपुर : बिहार के भोजपुर में 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज (मंगलवार) तेरहवीं आयोजित की गई है. बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पूरे गांव में विशेष इंतजाम किए गए हैं. आयोजकों के अनुसार श्राद्ध भोज में करीब 20-25 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त 15 हजार लोगों के लिए भी राशन का पर्याप्त भंडारण रखा गया है.
काफी दूर-दराज से पहुंच रहे लोग : दोपहर से ही श्राद्ध भोज का आयोजन शुरू हो गया, दूर-दराज से लोगों का गांव पहुंचना जारी है. बाहर से आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गांव के समीप खेतों में दो बड़े टेंट लगाए गए हैं. बैठने के लिए बड़ी संख्या में कुर्सियों की व्यवस्था की गई है, जबकि विश्राम के लिए खेतों में पलंग भी लगाए गए हैं.

लोगों के लिए की गई है व्यवस्था : मृतक भरत तिवारी के घर के सामने विशाल शामियाना तैयार किया गया है. गर्मी और उमस से राहत दिलाने के लिए कूलर एवं पंखों की भी व्यवस्था की गई है. भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी तथा भाई चंदन तिवारी ने बताया कि बिहार के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोगों के आने की सूचना है. ऐसे में उनके ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी आगंतुक को असुविधा का सामना न करना पड़े.
पुलिस-प्रशासन सतर्क : आयोजकों ने अखंड पूजा और करीब 15,000 लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की है. गांव में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी पुलिस-प्रशासन सतर्क हैं. वहीं परिवार और समर्थकों ने एक बार फिर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और मामले में शामिल पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई है.

'निष्पक्ष जांच नहीं हो रही' : मृतक के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है. एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की कमी चिंता का विषय है. गांव में भरत तिवारी की स्मृति में मूर्ति स्थापना की मांग की गई थी, जिसे रोके जाने के कारणों पर सवाल उठाए जा रहे हैं. भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
''आम मामलों में तो तुरंत गिरफ्तारी हो जाती है, लेकिन इस मामले में कथित आरोपी पुलिसकर्मी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं. जब तक कार्रवाई नहीं होगी, परिवार को संतोष नहीं मिलेगा.''- आशा देवी, भरत तिवारी की मां
'नेपाल से भी लोगों के आने की जानकारी' : वहीं, मृतक भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी कहा कि श्राद्ध कार्यक्रम में केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि कई राज्यों और यहां तक कि पड़ोसी देश नेपाल से भी लोगों के आने की जानकारी है. उन्होंने कहा कि आने वाले लोगों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है. इस बीच महापंचायत में पंकज त्रिपाठी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सीओ, वीडीओ और एसडीओ स्तर के अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप हैं और वे मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रशासन को पहले ही 24 से 30 जून तक का समय दिया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.

बीजेपी विधायक आनंद मिश्रा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि यह मामला 'एनकाउंटर नहीं बल्कि गलत कार्रवाई' का परिणाम हो सकता है और इसकी न्यायिक जांच आवश्यक है. उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार जरूरी है.
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