कुरुक्षेत्र में कारगिल योद्धाओं का सम्मान: सांसद नवीन जिंदल बोले- "शहीदों के परिवारों का कर्ज देश कभी नहीं चुका सकता"
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भारत रणभूमि दर्शन कार्यक्रम हुआ. सांसद नवीन जिंदल ने कारगिल योद्धाओं और वीर नारियों को सम्मानित किया.

Published : February 20, 2026 at 3:20 PM IST
कुरुक्षेत्र: हरियाणा के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आरके सदन सभागार में भारत रणभूमि दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने कारगिल युद्ध में हिस्सा लेने वाले वीर सैनिकों और शहीदों की वीर नारियों को सम्मानित किया. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खड़े होकर इन वीरों का सम्मान किया. इस दौरान माहौल भावुक भी रहा और गर्व से भरा हुआ भी नजर आया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, पूर्व सैनिक और आम लोग मौजूद रहे, जिन्होंने वीर परिवारों के प्रति अपनी श्रद्धा जताई.
3400 किलोमीटर की यात्रा का कुरुक्षेत्र में हुआ स्वागत: इस कार्यक्रम के दौरान द्वारका से शुरू हुई भारत रणभूमि दर्शन यात्रा भी कुरुक्षेत्र पहुंची, जिसका भव्य स्वागत किया गया. यह यात्रा करीब 3400 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके यहां पहुंची है. इस यात्रा का मकसद उन रणभूमियों को नमन करना है, जहां देश के जवानों ने अपनी जान देकर देश की रक्षा की. यात्रा के स्वागत के समय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला. लोगों ने यात्रा में शामिल सेना के प्रतिनिधियों और वीर परिवारों का अभिनंदन किया.

वीर परिवारों के बीच आना सौभाग्य की बात- नवीन जिंदल: कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि यह उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है कि उन्हें उन परिवारों के बीच आने का मौका मिला, जिनके बलिदान से देश सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि जिन सैनिकों ने देश के लिए अपने प्राण दिए, उनके परिवारों के प्रति देश हमेशा कर्जदार रहेगा. उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज को देशभक्ति की भावना से जोड़ते हैं और युवाओं को प्रेरणा देते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है.
यात्रा नई पीढ़ी को दे रही देशभक्ति का संदेश: नवीन जिंदल ने कहा कि भारतीय सेना की यह यात्रा उन सभी स्थानों को नमन करने के लिए निकाली गई है, जहां जवानों ने देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया. उन्होंने कहा कि ऐसी यात्राएं लोगों को देश के इतिहास और सैनिकों के त्याग के बारे में जागरूक करती हैं. खासकर युवाओं के लिए यह एक प्रेरणा है, जिससे उन्हें देश के लिए कुछ करने की भावना मिलती है. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान बढ़ाते हैं.

जेलों को सुधार गृह बनाने की जरूरत पर भी बोले सांसद: कार्यक्रम के दौरान सांसद नवीन जिंदल ने जेल सुधारों पर भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि जेल सिर्फ सजा देने की जगह नहीं होनी चाहिए, बल्कि वहां बंद लोगों को सुधारने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जेल में बंद लोग भी समाज का हिस्सा हैं और उन्हें जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए. उन्होंने बताया कि जेलों में खेलकूद और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि कैदी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें और अपने जीवन को बेहतर दिशा दे सकें. साथ ही उनकी समस्याओं को समझने और समाधान करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे.
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