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श्रम कानून को श्रम संहिता में बदलने का विरोध, मजदूर संगठनों का मोदी सरकार पर हमला

ऑल इंडिया कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने नए श्रम कानून को लेकर मोदी सरकार पर हमला किया है.

Labor union strike in Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ में मजदूर यूनियन की हड़ताल (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 12, 2026 at 4:51 PM IST

4 Min Read
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रायपुर: मोदी सरकार ने श्रम कानून को श्रम संहिता में तब्दील करके मजदूरों के गुलामी का दस्तावेज तैयार किया है. यह आरोप ऑल इंडिया एम्पलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने मोदी सरकार पर लगाए हैं. इसी श्रम कानून और श्रम संहिता को लेकर गुरुवार को देश में ट्रेड यूनियन ने भारत बंद का आह्वान किया है. क दिवसीय देशव्यापी हड़ताल में 10 ट्रेड यूनियन के लगभग 30 करोड़ मज़दूर शामिल हैं.

मोदी सरकार पर मजदूर विरोधी नीति अपनाने का आरोप

इस हड़ताल का मुख्य मकसद केंद्र सरकार के मजदूर और किसान विरोधी नीतियों का विरोध करना था. चार श्रम संहिता की वापसी के साथ ही काला कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर पूरे देश भर में मजदूर और किसानों ने हल्ला बोला. राजधानी के पंडरी स्थित एलआईसी दफ्तर के परिसर में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें सैकड़ो लोगों ने हिस्सा लिया.

श्रम संहिता का विरोध (ETV BHARAT)

आज पूरे हिंदुस्तान में लगभग 30 करोड़ से ज्यादा मजदूर सड़कों पर हैं. 1 दिन की हड़ताल पर बैठे हुए हैं. इस हड़ताल के माध्यम से चाहते हैं कि मोदी सरकार के द्वारा 29 से ज्यादा श्रम कानून को जो भारत के मजदूरों ने कुर्बानी के बाद हासिल किया था उसे मोदी सरकार ने श्रम संहिता में तब्दील करके मजदूरों के लिए जो गुलामी का दस्तावेज तैयार किया है, उसे भारत के मजदूर स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है-धर्मराज महापात्र, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया एम्पलाइज एसोसिएशन

Bharat Bandh in Raipur
रायपुर में भारत बंद का असर (ETV BHARAT)

क्या है मजदूर संगठनों की मांगें , जानिए

धर्मराज महापात्र ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हमारी पहली मांग है कि मजदूर विरोधी काला कानून श्रम संहिता वापस लिया जाए. दूसरी हमारी मांग है कि संसद के अंदर देश की किसानों को गुलाम बनाने के लिए उन्होंने जो बीज बोया है. बीज विधेयक पेश किया है. उसे वापस लिया जाना चाहिए. जमीन हमारी लेकिन बीज विदेशी कंपनियां आकर बेचेगी और क्या पैदा करेगा वह भी विदेश के लोग तय करेंगे. तीसरी हमारी मांग है कि, बिजली क्षेत्र के निजीकरण के लिए जो बिजली कानून संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया है उसे वापस लिया जाना चाहिए.

All India Employees Association strike
ऑल इंडिया एम्पलाइज एसोसिएशन की हड़ताल (ETV BHARAT)

धर्मराज महापात्र ने आगे कहा कि बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई का फैसला वापस लिया जाना चाहिए. एलआईसी बैंक या फिर तमाम सार्वजनिक और सरकारी क्षेत्र में नौजवानों के लिए जो रिक्त पद पड़े हुए हैं उसमें तत्काल नई भर्ती की जानी चाहिए. आउटसोर्सिंग और ठेका पद्धति बंद होनी चाहिए. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम को निजीकरण करने के लिए जो काम किया जा रहा है उसको बंद किया जाना चाहिए.

Workers involved in a trade union strike
ट्रेड यूनियन की हड़ताल में शामिल कर्मचारी (ETV BHARAT)

सरकार एलाआईसी और बैंक का निजीकरण करने जा रही है. अगर देश की घरेलू पूंजी की बचत पर विदेशी नियंत्रण हो जाए तो फिर देश की आर्थिक राजनीतिक स्वतंत्रता की हिफाजत और रक्षा नहीं की जा सकती-धर्मराज महापात्र, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया एम्पलाइज एसोसिएशन

श्रम संहिता की वापसी को लेकर हड़ताल

छत्तीसगढ़ बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के महासचिव शिरीष नलगुंडवार ने बताया कि आज देश की 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियन के लगभग 25 से 30 करोड लोग हड़ताल पर हैं. चार श्रम संहिता की वापसी को लेकर हड़ताल किया जा रहा है, जो मजदूर विरोधी नीतियो को वापस लिया जाना चाहिए. इसमें बैंक lic इंश्योरेंस एनटीपीसी भेल सेल जैसी जगह जहां पर मजदूर काम करते हैं, वे सभी एक दिन की हड़ताल पर हैं. कुल मिलाकर कर श्रम संहिता की वापसी होनी चाहिए. इस प्रदर्शन के बाद अगर इनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता है तो अपेक्स बॉडी और 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियन आगामी रणनीति बनाकर आगे की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहेगी.

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