गर्भवती महिला और नवजात की मौत के बाद बड़ी कार्रवाई, निजी हॉस्पिटल का प्रसूति व सोनोग्राफी कक्ष सील
भानुप्रतापपुर स्थित निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान गंभीर लापरवाही, प्रशिक्षित स्टाफ की कमी और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के पालन में अनियमितताएं सामने आई.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 3, 2026 at 10:47 AM IST
कांकेर: भानुप्रतापपुर स्थित निजी गौतम हॉस्पिटल में गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत के मामले में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. अस्पताल के प्रसूति (गायनिक) और सोनोग्राफी कक्ष को सील कर दिया है.
जांच में अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रसव के दौरान गंभीर लापरवाही, प्रशिक्षित स्टाफ की कमी और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के पालन में अनियमितताएं पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया. इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम जीएम वाहिले, तहसीलदार कुलदीप ठाकुर, बीएमओ सचेन्द्र गोटा और जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही. हालांकि अस्पताल का मेडिसिन विभाग फिलहाल पूर्ववत संचालित रहेगा.
हालत गंभीर होने के बाद भी सामान्य प्रसव कराने का प्रयास
दुर्गूकोंदल तहसील के ग्राम चाहचांड निवासी कमलेश कोमरा की 31 वर्षीय पत्नी द्रौपदी कोमरा को प्रसव पीड़ा होने पर 15 मई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया. 17 मई को सोनोग्राफी और अन्य जांचों में चिकित्सकों ने गर्भ में एमनियोटिक फ्लूइड (वाटर लेवल) अत्यंत कम होने की जानकारी दी. डॉक्टरों ने सामान्य प्रसव संभव नहीं था और जच्चा और बच्चा दोनों की जान को गंभीर खतरा बताते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल कांकेर रेफर किया गया.

इसके बाद परिजन गर्भवती को कांकेर मेडिकल कॉलेज लेकर गए जहां नर्सों के व्यवहार से परेशान होकर परिजन निजी गौतम हॉस्पिटल ले गए, जहां स्थिति गंभीर होने के बावजूद सिजेरियन ऑपरेशन नहीं किया गया और सामान्य प्रसव कराने का प्रयास किया जाता रहा. आरोप है कि इसी लापरवाही के चलते 18 मई को शाम साढ़े 5 बजे जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई.
अस्पताल की कार्यप्रणाली और प्रसूति सेवाओं में खामियों पर कार्रवाई
घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ा और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आरसी. ठाकुर ने बताया कि गर्भवती महिला की मौत के बाद गठित जांच दल ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि प्रसूति सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक नियमों और मानकों का पूर्ण पालन नहीं किया जा रहा था.डिलीवरी के दौरान न तो कोई चिकित्सक मौजूद था और न ही प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध था. जांच में अस्पताल की लापरवाही की पुष्टि होने के बाद प्रसूति एवं सोनोग्राफी कक्ष को तत्काल प्रभाव से सील करने की कार्रवाई की गई.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर से कांकेर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया. कांकेर मेडिकल कॉलेज के नर्सों का व्यवहार ठीक नहीं होने पर कार्रवाई की गई. निजी अस्पताल में परिजनों ने गर्भवती को भर्ती कराया, जहां जच्चा बच्चा की मौत हो गई. निजी अस्पताल में ट्रेनड स्टाफ नहीं मिला.प्रसूति व सोनोग्राफी कक्ष सील किया गया है -डॉ. आरसी. ठाकुर, सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ आर.सी. ठाकुर ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं तथा मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी.


