कुछ सेकंड की रील्स ने जीजा-साले का कर दिया अंत, 5 घंटे तक शव के टुकड़े समेटते रही पुलिस
रील्स के चक्कर में जीजा-साले की दर्दनाक मौत हरियाणा में मौत हो गई. 5 घंटे तक पुलिस शव के टुकड़े इकट्ठा करती रही. पढ़ें

Published : January 2, 2026 at 6:49 PM IST
बेतिया: बिहार के बेतिया के रहने वाले जीजा-साले की रील बनाने के चक्कर में हरियाणा में ट्रेन से कटकर दर्दनाक मौत हो गई है. रील बनाने की सनक ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली है. हरियाणा के झज्जर जिले में दिल्ली सीमा के पास रेलवे ट्रैक पर रील बनाते वक्त बरेली एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से बेतिया के जीजा- साले की दर्दनाक मौत हो गई.
रील्स बनाने के चक्कर में दर्दनाक मौत: हादसा इतना भयावह था कि एक युवक के शरीर के टुकड़े रेलवे ट्रैक पर दूर-दूर तक बिखर गए. पुलिस को शव के हिस्से समेटने में करीब पांच घंटे लग गए. दोनों मृतकों की पहचान बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया निवासी रोहित कुमार उम्र 18 वर्ष और उसके भाई के साले राहुल कुमार उम्र 20 के रूप में हुई है.
ट्रेन से कटकर जीजा-साले की मौत: दोनों हरियाणा के बहादुरगढ़ में सैलून चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे. बताया जा रहा है कि दोनों नए साल के मौके पर देर शाम यह कहकर सैलून से निकले थे कि खाली समय है और रेलवे ट्रैक पर रील बनाकर जल्द लौट आएंगे. शाम करीब साढ़े चार बजे वे बहादुरगढ़ क्षेत्र में दिल्ली सीमा के पास रेलवे ट्रैक पर रील बना रहे थे.
हवा में उछलकर रेलवे ट्रैक पर गिरे दोनों: इसी दौरान तेज रफ्तार बरेली एक्सप्रेस ट्रेन वहां पहुंच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन की गति काफी तेज थी और दोनों को उसके आने का अंदाजा तक नहीं लग पाया. देखते ही देखते दोनों युवक ट्रेन की चपेट में आ गए. ट्रेन की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक हवा में उछलकर रेलवे ट्रैक पर गिरे.
5 घंटे तक शव के टुकड़े समेटते रही पुलिस: राहुल का शरीर इस कदर क्षत-विक्षत हुआ कि उसके छोटे-छोटे टुकड़े कई मीटर तक फैल गए. वहीं रोहित के हाथ और शरीर के अन्य हिस्से बुरी तरह कुचल गए. वहीं घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में पुलिसकर्मी रेलवे ट्रैक पर 5 घंटे तक शवों के टुकड़े समेटते रहे.
कपड़े से परिजनों ने पहचान: पुलिस ने नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ में दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया. शवों की हालत इतनी खराब थी कि परिजनों ने कपड़ों और सामान के आधार पर ही पहचान की है. वहीं हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रखा है. रोहित दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था.
राहुल की नहीं हुई थी शादी: करीब चार साल पहले रोहित के पिता का निधन हो चुका था. इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी दोनों भाइयों पर आ गई थी. रोहित की अभी शादी नहीं हुई थी. 22 नवंबर को बहन की शादी के बाद वह काम के सिलसिले में हरियाणा गया था. वहीं राहुल हाल ही में अपनी बहन की शादी कराकर गांव लौटा था और छह दिन पहले ही बहादुरगढ़ पहुंचा था.
गांव में कोहराम: हादसे की खबर जैसे ही बेतिया के बैरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बथना पंचायत पहुंची, पूरे गांव में कोहराम मच गया. मां-बाप, भाई-बहन और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की रील के लिए जान जोखिम में डालना कितना घातक साबित हो सकता है. एक छोटी-सी लापरवाही ने दो जिंदगियां छीन लीं और कई घरों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया.
"देर शाम दोनों युवक यह कहकर सैलून से निकले थे कि खाली समय है और रेलवे ट्रैक पर रील बनाकर जल्द लौट आएंगे. शाम करीब साढ़े चार बजे वे बहादुरगढ़ क्षेत्र में दिल्ली सीमा के पास रेलवे ट्रैक पर रील बना रहे थे. इसी दौरान तेज रफ्तार बरेली एक्सप्रेस ट्रेन वहां पहुंच गई और ये हादसा हो आया."- राजेश मुदगिल, बहादुरगढ़ पुलिस जांच अधिकारी
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