बहरोड़: अब बाइक पर पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, नहीं तो लगेगा जुर्माना
एक जनवरी से देश में 'सड़क सुरक्षा महीना' अभियान चलाया जा रहा है. बहरोड़ में एसपी ने नीमराना थाने में इस अभियान की शुरूआत की.

Published : January 2, 2026 at 8:33 AM IST
बहरोड़: सड़क सुरक्षा अभियान के तहत अब बाइक पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. अब बाइक पर सवार दोनों लोगों के लिए हेलमेट जरूरी होगा. बाइक चलाने वाले के साथ-साथ पीछने बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है. जहां दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वालों के लिए भी अब हेलमेट पहनना अनिवार्य रहेगा, हेलमेट नहीं होने की स्थिति में अब चालान कार्रवाई की जाएगी. इस नियम का पालन न करने पर जुर्माना भरना पड़ेगा. इसकी शुरुआत नए साल पर बहरोड़ जिले के नीमराणा में पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार ने की. उन्होंने नीमराणा पुलिस थाने में एक बाइक चालक पुलिसकर्मी और उसके पीछे बैठे दूसरे पुलिसकर्मी को हेलमेट पहनाकर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की.
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार ने बताया कि कि उनके कार्यभार संभालने से पहले कोटपूतली-बहरोड जिला दुर्घटनाओं में नंबर दो पर था, जिससे काफी पीड़ा हुई. इस पर सबसे पहले 'लेन ड्राइव सिस्टम' शुरू किया, जिससे हाइवे पर दुर्घटनाओं में कमी आई. हेलमेट नहीं पहनने वालों के खिलाफ कॉलेज और स्कूलों में भी अभियान चलाया गया, जहां बच्चों को हेलमेट की अहमियत और यातायात नियमों की जानकारी दी गई. लोगों को जागरूक करने के बाद अब इसे धरातल पर लाने की पहल की जा रही है, जिसकी शुरुआत पुलिस विभाग से ही की गई है. अब जो सिपाही बाइक चलाएगा, वह तो हेलमेट पहनेगा ही, साथ ही पीछे बैठने वाला व्यक्ति भी हेलमेट पहनेगा. इसके तहत आज भामाशाहों और समाजसेवियों के सहयोग से हेलमेट वितरण का कार्य भी शुरू किया गया है.
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सड़क सुरक्षा महीना: उन्होंने बताया कि एक जनवरी से 31 जनवरी तक 'सड़क सुरक्षा महीना' चल रहा है, इसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मॉनिटर किया जा रहा है. एसपी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में हुई अधिकांश मौतें बिना हेलमेट के हुई हैं. इसलिए अब लोगों को उनके जीवन की सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
युवा सोशल मीडिया से उचित दूरी बनाएं: एसपी देवेंद्र कुमार की हाल ही पुलिस उप महानिरीक्षक पद पर पदोन्नति हुई है. इस पर उन्होंने कहा कि पदोन्नति एक प्रक्रिया है, लेकिन कुर्सी वही है और काम भी वही. वे बोले,' हमने जो संकल्प लिए थे, उनमें जो कमियां रह गई थीं, उन्हें हम नए सिरे से पूरा करेंगे. खास तौर पर समाज में नशे के बढ़ते चलन और नशे की गोलियों के प्रति हमारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी.' उन्होंने मीडिया का भी आह्वान किया कि वे नशे से संबंधित किसी भी सूचना के बारे में हमें अवश्य बताएं, ताकि अपराध को रोका जा सके. नशे से आने वाली पीढ़ियां बर्बाद हो जाती हैं, इसलिए हमें ये कदम उठाने पड़ रहे हैं. युवाओं को नए साल पर संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि 2026 खुशियों की सौगात लेकर आए. युवा शॉर्टकट का उपयोग न करें. इसके लिए मेहनत करनी पड़ेगी. सोशल मीडिया से उचित दूरी बनाकर अपना भविष्य संवारें.

