बिहार में रिफाइनरी में मजदूर की मौत पर मुआवजे को लेकर हिंसक झड़प, पुलिस लाठीचार्ज में कई घायल
बेगूसराय रिफाइनरी में मजदूर की मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ हिंसक, तोड़फोड़ और लाठीचार्ज से कई मजदूर घायल.

Published : July 7, 2026 at 8:59 PM IST
बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय स्थित रिफाइनरी में एक मजदूर की मौत के बाद मुआवजे को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक झड़प में बदल गया. प्रदर्शनकारी मजदूरों और पुलिस के बीच टकराव के बाद रिफाइनरी गेट पर जमकर तोड़फोड़ हुई. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई मजदूरों के घायल होने की सूचना है. पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है.
मजदूरों का गुस्सा फूटा: बेगूसराय रिफाइनरी के मुख्य गेट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे मजदूरों का गुस्सा अचानक फूट पड़ा. देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हिंसक झड़प में बदल गई.

करोड़ों की संपत्ति के नुकसान का अनुमान: प्रदर्शनकारियों ने रिफाइनरी गेट पर तोड़फोड़ की, कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया और कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे, एलईडी सहित अन्य सामान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है.
मजदूरों ने कंपनी से मांगा मुआवजा: दरअसल बीते 29 जून को शार्प टैंक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत मजदूर श्याम सुंदर पाठक काम के दौरान लोहे की पाइप की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इसके बाद परिजनों और साथी मजदूरों ने कंपनी से मुआवजे की मांग शुरू कर दी.
दूसरे दिन भी कोई समाधान नहीं: मजदूरों का आरोप है कि कंपनी ने मृतक के परिजनों को 17 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक राशि का भुगतान नहीं किया गया. इसी मांग को लेकर परिजन और मजदूर भूख हड़ताल पर बैठे थे. जब लगातार दूसरे दिन भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो उनका आक्रोश फूट पड़ा.

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात: स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की. आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए. इसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया. फिलहाल रिफाइनरी परिसर और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है.
पुलिस मामले की जांच में जुटी: पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटनास्थल की वीडियोग्राफी व अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है. वहीं, मजदूरों का कहना है कि यदि समय पर मुआवजा दिया गया होता, तो यह विवाद इतना बड़ा रूप नहीं लेता.
"मामले की जांच की जा रही है, फिलहाल घटनास्थल की वीडियोग्राफी व अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी." - जांच अधिकारी
स्थिति पुलिस के नियंत्रण में: फिलहाल बेगूसराय रिफाइनरी में स्थिति पुलिस के नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन मजदूरों की नाराजगी अब भी बरकरार है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मृतक के परिजनों को मुआवजा कब मिलता है और इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है.
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