सोनू-मोनू की गिरफ्तारी में खुद फंसी पुलिस, VIDEO वायरल होने के बाद जांच में जुटी CID
सोनू-मोनू की गिरफ्तारी मामले में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस एक आरोपी के कमर में पिस्टल रखते नजर आ रही है.

Published : July 6, 2026 at 1:50 PM IST
बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में सोनू-मोनू की गिरफ्तारी मामले में बलिया थाने की पुलिस फंसती नजर आ रही है. गिरफ्तारी के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे. मामला बलिया थाना के बरियापुर गांव से जुड़ा है.
कमर में पिस्टल रखने का वीडियो: वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी अपराधी की कमर में पिस्टल रखते दिखाई दी. इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हथियार पुलिस ने खुद रखकर फर्जी बरामदगी दिखाने की कोशिश की. हालांकि, बलिया डीएसपी सुबोध कुमार ने प्रेस वार्ता कर इन आरोपों को पूरी तरह भ्रामक बताया.

दो पक्षों में विवाद का मामला: डीएसपी के अनुसार 20 जून को बच्चों के विवाद के बाद दो पक्षों में हुई झड़प के दौरान सोनू और मोनू ने मौके पर पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. घटनास्थल से पुलिस ने कई खोखे भी बरामद किए थे, जिसके आधार पर दोनों अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
कमर में पिस्टल रखने पर क्या बोले एसपी?: डीएसपी के अनुसार गिरफ्तारी के समय भी सोनू ने पुलिस को हथियार दिखाकर धमकाने की कोशिश की, जिसके बाद काफी मशक्कत से उसे गिरफ्तार किया गया. मामले पर बेगूसराय के एसपी मनीष ने कहा कि बरामद पिस्टल अपराधियों की ही थी, लेकिन उसे कमर में रखकर वीडियो बनाना उचित प्रक्रिया नहीं थी.
"इस पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी और यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. सोनू और मोनू दोनों कुख्यात अपराधी हैं और उनके खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग सहित एक दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं." -मनीष कुमार, एसपी, बेगूसराय
पुलिस को सोनू-मोनू की तलाश थी: एसपी के अनुसार पुलिस लंबे समय से दोनों की सरगर्मी से तलाश कर रही थी और गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया. लेकिन गिरफ्तारी का वीडियो लगातार वायरल होने और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने के बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया, जिसके बाद जांच की प्रक्रिया शुरू हुई.
मामले की जांच में जुटी CID: रविवार को मुंगेर रेंज के डीआईजी और सीआईडी की टीम बरियारपुर गांव पहुंची और कई घंटे तक ग्रामीणों, परिजनों तथा प्रत्यक्षदर्शियों से गहराई से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. ग्रामीणों ने अधिकारियों से दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग भी की, जिसके बाद पूरे मामले में जांच तेज हुई.

सोनू-मोनू का भी वीडियो आया सामने: इसी बीच सोशल मीडिया पर सोनू और मोनू का एक और वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दोनों कथित तौर पर आधुनिक हथियारों से खुलेआम ताबड़तोड़ फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस अब इसकी गहराई से पूरी तरह जांच कर रही है.
छानबीन में जुटी सीआईडी टीम: पुष्टि होने पर दोनों के खिलाफ नए मामले दर्ज किए जा सकते हैं. अब इस मामले में दो पहलुओं की जांच चल रही है. पहला, गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की कार्यशैली और दूसरा, सोशल मीडिया पर वायरल फायरिंग वीडियो की सत्यता, ताकि जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई साफ हो पाए.
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