बेरोजगार युवाओं के लिए फायदे का सौदा है मधुमक्खी पालन, बागवानी विभाग देता है इतनी सारी सुविधाएं
नूंह में मधुमक्खी पालन के लिए 13 ट्रेनिंग सेंटर खोले हैं. इसके अलावा, बहुत सी सरकारी सुविधाओं का फायदा भी उठा सकते हैं किसान भाई.


Published : December 29, 2025 at 11:12 AM IST
|Updated : December 29, 2025 at 11:56 AM IST
नूंह: हरियाणा में मधुमक्खी पालन बेरोजगार युवाओं के लिए लाभदायक विकल्प हो सकता है. मधुमक्खी पालन से किसानों को काफी लाभ हो रहा है. इतना ही नहीं जिन किसानों के पास जमीन नहीं है, वह भी जिला बागवानी विभाग की मधुमक्खी पालन योजना का लाभ उठा सकते हैं. यह जानकारी जिला बागवानी अधिकारी डॉक्टर अब्दुल रजाक ने दी है.
सरकार दे रही इतनी सारी सुविधाएं: डॉ. अब्दुल रजाक ने बताया कि "प्रशिक्षण के लिए प्रदेश भर में 13 सेंटर खोले गए हैं. जिनमें के वी के मंडकोला, केवीके भूपानी समेत कई संस्थान हैं. इसके अलावा, पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण को करने वाले युवाओं के लिए रहने, खाने से लेकर आने-जाने तक की पूरी व्यवस्था निशुल्क होती है. बैंक लोन में भी प्रशिक्षण के बाद मदद मिल जाती है. एक युवा को 50 लकड़ी के बॉक्स दिए जाते हैं, जिसमें 85 फीसदी अनुदान विभाग द्वारा दिया जाता है. किसान को महज 21 हजार 600 रुपये देने होते हैं".
बस इतना सा करना है काम: उन्होंने बताया कि "फेमिली आईडी, आधार कार्ड, ट्रेनिंग सर्टिफिकेट को लेकर रामनगर में जाते ही किसानों को लकड़ी के डब्बे मिल जाते हैं. एक डब्बे में 8-10 फ्रेम होते हैं. इस पर भी तकरीबन 85000 की सहायता राशि बागवनी विभाग द्वारा दी जाती है. 1 साल में डिब्बे में तकरीबन 50 किलो शहद तैयार हो जाता है और अगर प्रति डब्बे के हिसाब से 50 डिब्बों के शहद का आकलन किया जाए तो करीब 2500 किलो शहद तैयार हो जाता है".
बागवानी विभाग देता है पूरा साथ: डॉ. अब्दुल रजाक ने बताया कि "भावांतर भरपाई योजना में भी हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालन को शामिल किया है. जिसमें मशीन, डब्बे, ब्लाउज, टोपी आदित खरीदने के लिए भी बागवानी विभाग मदद करता है. इस समय जिले में पांच किसानों के पास करीब 800 बॉक्स मधुमक्खी पालन के हैं. जिनमें प्रति वर्ष 2500 किलो शहद तैयार किया जाता है. शहद अच्छी गुणवता का है, तो 110 रुपये प्रति किलो से भी ज्यादा बिकता है. अगर खरीदार नहीं मिलते तो उसे ड्रम या बाल्टी में पैक कर रामनगर ले जाने पर 110 रुपये प्रति किलो के हिसाब से वहां भुगतान किया जाता है".
मधुमक्खी पालन से जुड़ेंगे 3 नए किसान: डॉ. अब्दुल रजाक ने बताया कि "तीन नए किसानों के केस बनाकर हरियाणा सरकार को भेजे गए हैं. 6 किसानों के केस पाइपलाइन में है". डॉक्टर दीन महोम्मद ने बताया कि "बेरोजगार युवाओं को करीब 3 लाख रुपये प्रतिवर्ष मधुमक्खी पालन से आसानी से कमाने का अवसर मिल जाता है".
ट्रांसपोर्ट भी पूरी तरह से फ्री: हरियाणा में आजकल नूंह जिले में सरसों का सीजन है और इन दिनों में अच्छी गुणवत्ता का शहद तैयार होता है. जिससे अच्छी खासी आमदनी किसान को होती है. बागवानी विभाग के अधिकारी ने बताया कि "सरसों की फसल के बाद दूसरी जगह इन मधुमक्खी के डिब्बों को ले जाया जा सकता है. इसका ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से फ्री रखा गया है, ताकि रोजगार युवाओं को मधुमक्खी पालन से अच्छी आमदनी हो सके. जहां मधुमक्खी के डिब्बे रखे होते हैं, उसके एक किलोमीटर दूरी तक सरसों हो या किसी भी तरह के फल का बाग हो उसमें अच्छा लाभ हो जाता है".
आत्मनिर्भर बनने का सबसे सही विकल्प: कुल मिलाकर मधुमक्खी पालन ऐसे लोगों के लिए वरदान है, जो कम पढ़े-लिखे हैं, या फिर किसी के पास जमीन भी नहीं है. सरकार ने उनके लिए सुविधाओं और सहायता राशि समेत एक अच्छा विकल्प तैयार किया है. ताकि बेरोजगार युवा भी आत्मिनर्भर बन सके और अच्छी खासी कमाई कर सके. जिला बागवानी विभाग मधुमक्खी पालन के लिए ऐसे लोगों की भरपूर मदद करता है.
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