मधुमक्खी पालकों को मिलेगा भावांतर भरपाई योजना का लाभ, जानें पंजीकरण-सत्यापन की प्रक्रिया
Bhavantar Bharpai Yojana: मधुमक्खी पालकों को जल्द ही भावांतर भरपाई योजना का लाभ मिलेगा. पंजीकरण और सत्यापन की प्रकिया शुरू.

Published : January 9, 2026 at 9:23 AM IST
पंचकूला: हरियाणा सरकार प्रदेश के मधुमक्खी पालकों को भावांतर भरपाई योजना के तहत 120 रुपये प्रति किलोग्राम का लाभ देने के वादे को जल्द पूरा कर सकती है. उद्यान विभाग ने इसके लिए पंजीकरण व सत्यापन के चरण को शुरू कर दिया है. विभाग द्वारा भावांतर भरपाई योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित दोनों पोर्टल पर पंजीकरण करवाने को अनिवार्य बताया गया है. इसके अलावा अन्य नियम-शर्तें भी बताई गई हैं. यहां जानिए कैसे पा सकते हैं योजना का लाभ.
विभाग की वेबसाइट से लें जानकारी: उद्यान विभाग, हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट पर भावांतर भरपाई योजना संबंधी जानकारी दी गई है. इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को मधु क्रांति पोर्टल madhukranti.in एवं भावांतर भरपाई योजना पोर्टल (शहद) hortharyana.gov.in पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है. इसके अलावा मधुमक्खी पालकों का सत्यापन हरियाणा प्रदेश की सीमा के अंदर अनिवार्य किया गया है. सत्यापन अवधि एक जनवरी से 30 जून 2026 तक तय की गई है. इसके अलावा प्रत्येक बक्से पर परिवार पहचान पत्र के अंतिम चार अंक व बक्सा नंबर गोदना अनिवार्य बताया गया है. जबकि सत्यापन जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा.
यहां से लें अधिक जानकारी: इस योजना का लाभ लेने और अन्य जानकारी के लिए आवेदक उप निदेशक, उद्यान आईबीडीसी, रामनगर, फोन नंबर 70820-09127 या जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा क्यूआर कोड स्कैन करने और टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर कॉल भी की जा सकती है.
सरकार से मिल चुकी मंजूरी: इससे पहले उक्त योजना के तहत सुविधा कुरुक्षेत्र के रामनगर स्थित हनी ट्रेड सेंटर (शहद मंडी) में शहद की बिक्री पर लागू होगी. सरकार इस योजना को पूर्व में ही औपचारिक मंजूरी दे चुकी है. शहद की बिक्री केवल पंजीकृत मधुमक्खी पालकों के माध्यम से होगी, जिसके लिए अब पंजीकरण व सत्यापन के चरण को शुरू किया जा चुका है. वहीं, ट्रेड सेंटर का संचालन भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा. गौरतलब है कि वर्ष 2017 में करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से बना यह ट्रेड सेंटर लंबे समय से स्टाफ की कमी के कारण बंद पड़ा था. लेकिन अब प्रदेश सरकार द्वारा इसके संचालन के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति किए जाने का फैसला किया गया.
20 करोड़ की लागत से आधुनिक लैब: गौरतलब है कि उक्त केंद्र में बने कोल्ड स्टोर की भंडारण क्षमता 2 हजार मीट्रिक टन है. जबकि हरियाणा में सालाना लगभग 5500 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन होना बताया गया है. प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र की शुरुआत से मधुमक्खी पालकों को बेहतर दाम और पारदर्शी बिक्री का लाभ मिलने का दावा किया गया है. वहीं, इस केंद्र से पंजीकृत किसान 500 से 1000 किलोग्राम तक शहद फूड ग्रेड बकेट में ला सकेंगे. वहीं, शहद की गुणवत्ता जांच के लिए 20 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक लैब स्थापित की जानी है. लेकिन उस दौरान तक बाहरी संस्थानों से जांच कराई जाएगी.

