चंडीगढ़ में अब घर बनेगा 'होटल', जानें क्या है नई बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति, जिससे पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा!
चंडीगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के चंडीगढ़ प्रशासन ने बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) नीति लागू कर दी है. इसके बारे में विस्तार से जानें.

Published : June 28, 2026 at 1:39 PM IST
चंडीगढ़: पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चंडीगढ़ प्रशासन ने नई बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) नीति लागू कर दी है. इस नीति के तहत अब शहर के योग्य आवासीय मकानों के मालिक अपने घरों में पर्यटकों को ठहराने की सुविधा दे सकेंगे. प्रशासन का मानना है कि इससे होटल के अलावा पर्यटकों को ठहरने का एक नया विकल्प मिलेगा और उन्हें स्थानीय संस्कृति, रहन-सहन और आतिथ्य का बेहतर अनुभव होगा.
किन मकानों को मिलेगा योजना का लाभ? नई नीति के अनुसार, केवल 500 वर्ग गज या उससे बड़े आवासीय मकान ही इस योजना के लिए पात्र होंगे. इसके अलावा मकान का मालिक स्वयं ही आवेदन कर सकेगा. किरायेदार या किसी अन्य व्यक्ति को आवेदन की अनुमति नहीं होगी.

पंजीकरण और NOC जरूरी: B&B सुविधा शुरू करने के लिए मकान मालिक को पर्यटन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. साथ ही सभी आवश्यक विभागों से अनुमति और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) भी लेना होगा. प्रशासन ने साफ किया है कि बिना पंजीकरण और निर्धारित मंजूरी के इस योजना का लाभ नहीं लिया जा सकेगा.
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, होटलों पर घटेगा दबाव: प्रशासन का कहना है कि नई नीति से शहर में आने वाले पर्यटकों को अधिक विकल्प मिलेंगे और होटलों पर बढ़ता दबाव भी कम होगा. घरों में ठहरने की सुविधा मिलने से पर्यटक स्थानीय लोगों के साथ समय बिताकर चंडीगढ़ की संस्कृति और जीवनशैली को करीब से जान सकेंगे.
मकान मालिकों के लिए कमाई का नया अवसर: इस योजना से बड़े आवासीय मकानों के मालिक बिना किसी बड़े निवेश के अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे. प्रशासन का मानना है कि इससे स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा और शहर का पर्यटन उद्योग भी मजबूत होगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि B&B सुविधा संचालित करने वाले सभी आवेदकों को नीति में तय किए गए सभी नियमों और शर्तों का पालन करना होगा. नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन आवश्यक कार्रवाई कर सकता है.

