पौड़ी के गांवों में गुलदार के बाद भालू का छाया आतंक, दहशत में ग्रामीण
पौड़ी जिले में गुलदार की धमक के बाद भालू का आतंक छाया हुआ है. जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : November 18, 2025 at 8:14 AM IST
पौड़ी: जिले में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. कभी गुलदार तो कभी भालू के हमलों से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का जीवन बसर करना मुश्किल होता जा रहा है. लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों को दहशत के साए में हैं. जहां कुछ समय पहले तक गुलदार के बढ़ते हमलों से ग्रामीण भयभीत थे, वहीं अब पाबौ, पैठणी, थलीसैंण और बीरोंखाल क्षेत्रों में भालू का आतंक तेजी से फैल रहा है.
शुरुआत में भालू मवेशियों पर हमला कर उन्हें अपना शिकार बना रहा था, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. लेकिन अब भालू लोगों पर भी हमला करने लगे हैं, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक होती जा रही है. लोगों का कहना है कि वे शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं. किसानों और पशु पालकों के सामने बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है.
ग्रामीण लगातार वन विभाग और जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जिन इलाकों में भालू का आतंक बढ़ रहा है, उन क्षेत्रों में सुरक्षा व राहत के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि अन्य इलाकों में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बढ़ाए, पिंजरे लगाए जाएं और प्रभावित इलाकों में टीमों की तैनाती की जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के जिवई गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आया. यहां गांव की 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी, पत्नी महिपाल सिंह, पर झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक हमला कर दिया. घटना तब हुई जब लक्ष्मी देवी तीन–चार अन्य महिलाओं के साथ रोज की तरह गांव के निकट घास काटने गई थी. महिलाएं घास काटने में व्यस्त थी, तभी झाड़ियों में छिपा भालू तेजी से निकला और लक्ष्मी देवी पर हमला कर दिया. जिसमें महिला की दाईं आंख और सिर पर गंभीर चोटें आईं.
हमले की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घायल महिला कुछ समय तक उठ भी नहीं पाई. हमला होते ही साथ की महिलाओं ने चीखकर मदद के लिए पुकारा. शोर सुनकर भालू भाग गया. तत्पश्चात ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर घायल लक्ष्मी देवी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल पहुंचाया. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया.
चिकित्सा प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र रावत ने जानकारी दी कि महिला की दाईं आंख के आसपास गहरे घाव हैं और सिर में भी गंभीर चोटें आई हैं. बेहतर उपचार के लिए महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है. घटना की सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र रावत ने मामले की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर 50 हजार रुपये मुआवजा राशि पीड़ित महिला को भेज दी गई है. ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए, पिंजरे लगाए जाएं, जिससे मानव वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके.
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