होली पर केमिकल वाले रंगों से रहें सावधान, आंख और त्वचा पर डालते हैं बुरा प्रभाव, ऐसे खेलें Safe होली
केमिकल युक्त रंग का सीधा असर त्वचा और शरीर पर पड़ता है. आंखों में रंग जाने से रोशनी तक चली जाती है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 1, 2026 at 3:43 PM IST
कानपुर : पूरे देश में चार मार्च को होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा. इस दौरान लोग एक दूसरे को रंग गुलाल लगाने के साथ ही केमिकल युक्त रंगों का भी प्रयोग करते हैं. कुछ लोग ऑयल पेंट से भी होली खेलते हैं. ऐसे में ऑयल पेंट और केमिकल युक्त रंग से होली खेलने पर इसका सीधा असर हमारी त्वचा और शरीर पर पड़ता है. रंगों से जहां त्वचा संबंधी कई रोग हो जाते हैं, तो वहीं आंखों में रंग जाने से रोशनी तक चली जाती है.
केमिकल युक्त रंग और ऑयल पेंट से शरीर और त्वचा को कैसे बचाया जा सकता है. जिससे हमारी त्वचा मुलायम और सॉफ्ट बनी रहे. केमिकल युक्त रंगों का शरीर और त्वचा पर किस तरह के प्रभाव पड़ते हैं. इस बारे में ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए कानपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एलएलआर के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेतांक और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मोहन ने कुछ खास टिप्स बताए हैं, जिससे केमिकल युक्त रंग के प्रभाव से बचा जा सकता है.
हर्बल रंगों से मनाएं त्योहार : डॉ. श्वेतांक ने कहा, होली जरूर खेलें, पर बेहतर होगा कि केमिकल वाले रंगों से दूरी बनाते हुए फूलों से तैयार व हर्बल रंगों से होली का पर्व मनाएं. केमिकल वाले रंगों में निकिल, कोबाल्ट समेत अन्य हानिकारक तत्व होते हैं, जो त्वचा को जला देते हैं. खुश्की पैदा कर देते हैं. त्वचा से पानी का रिसाव होता है. इसलिए इन रंगों से खुद को दूर रखना होगा.
होली खेलने से पहले तेल या क्रीम लगाएं: डॉ. श्वेतांक ने बताया, होली के दिन रंग खेलने से पहले अपने त्वचा पर तेल या फिर क्रीम लगाएं. उसके बाद होली खेलें. होली पर्व में किसी ने धोखे से केमिकल युक्त रंग लगा दिया है, तो उसको छुड़ाने के लिए पहले स्किन को ठंडे पानी से धो लीजिए. इसके बाद इसमें क्रीम या फिर तेल भी लगा सकते हैं. इससे थोड़ी राहत मिलेगी. केमिकल युक्त गुलाल या रंग को छुड़ाने के लिए स्किन को साबुन से धोना जरूरी होता है. केमिकल रंगों में लीड मिला होता है. तेज धूप में होली खेलने से इसका दुष्प्रभाव भी बढ़ जाता है.
हर्बल कलर का इस्तेमाल करें : नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मोहन ने कहा, केमिकल वाले रंगों से आंखों में खुजली शुरू होती है. फिर तेज जलन के साथ आंखें लाल हो जाती हैं. इसके बाद कई मामलों में तो आंखों की रोशनी तक चली जाती है. होली खेलते समय आंखों की सुरक्षा के लिए गॉगल्स पहन सकते हैं. होली खेलते समय केमिकल युक्त रंगों से बचकर होली खेलें और हर्बल कलर का इस्तेमाल करें.
त्वचा रोग संबंधी परेशानियों से बचने के लिए ये करें:
- रंग खेलने से पहले शरीर पर मॉश्च्यूराइजर या सरसों के तेल की मालिश कर लें.
- इसी तरह बालों में भी हेयर ऑयल का उपयोग कर सकते हैं.
- एक ही दिन में रंग छुड़ाने के लिए किसी तरह के हार्ड सोप, डिटर्जेंट का प्रयोग बिल्कुल न करें.
- चेहरे पर मॉश्च्यूराइजर या फेस क्रीम का उपयोग कर सकते हैं, रंग लगने पर हर्बल फेशवॉश लगा लें.
आंखों को बचाने के लिए इन सावधानियों को बरतें:
- आंखों में रंग चले जाने पर फौरन ठंडे पानी की छीटों से आंखों को धो लें.
- किसी तरह का साबुन या अन्य रासायनिक पदार्थ उपयोग न करें.
- एंटी बायटिक आई ड्राप का उपयोग डॉक्टर्स के परामर्श से कर सकते हैं.
- रंग खेलते समय आंखों को बचाने के लिए सनग्लास पहन सकते हैं.
यह भी पढ़ें : मेरठ के मतीन बने हिंदू-मुस्लिम एकता के मिसाल, रमजान में बेच रहे रंग और गुलाल

