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हरीश चौधरी बोले- गहलोत से रामा-श्यामा बंद, सीमावर्ती क्षेत्र को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए

हरीश चौधरी ने कहा कि देशहित, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए.

Baytu MLA Harish Chaudhary (left)
बायतु विधायक हरीश चौधरी (बाएं) (ETV Bharat Barmer)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : June 18, 2026 at 6:49 PM IST

5 Min Read
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बाड़मेर: बायतु विधायक हरीश चौधरी ने सीमावर्ती क्षेत्र में 50 किलोमीटर दायरे में की जा रही कार्रवाई को लेकर गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि थार की अपणायत, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द इस क्षेत्र की पहचान है. इसे कमजोर करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन इसके नाम पर किसी राजनीतिक एजेंडे को लागू करना उचित नहीं है. वहीं एक कार्यक्रम में चौधरी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पूर्व सीएम अशोक गहलोत से रामा-श्यामा बंद है.

हरीश चौधरी ने कहा कि इस सीमावर्ती क्षेत्र का इतिहास पूर्वजों के बलिदान, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान से जुड़ा रहा है. हमारे पूर्वजों ने देशहित में अपनी कुर्बानियां दी हैं और इस क्षेत्र का सम्मान बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में पहले 15 किलोमीटर और बाद में अब 50 किलोमीटर तक अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर गैर संवैधानिक व बिना कानून नोटिस दिए जा रहे है.

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हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि वर्तमान में देश के वास्तविक और गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए बॉर्डर क्षेत्र को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाया जा रहा है. देश का किसान बढ़ती लागत, महंगे पेट्रोल-डीजल और खाद की कीमतों से परेशान है. युवाओं के सामने रोजगार का संकट है तथा परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. व्यापार और छोटे व्यवसाय भी लगातार चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है.

पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर तक का दायरा निर्धारित किए जाने से क्षेत्र के लोगों को मिलने वाली कई सुविधाएं प्रभावित हुई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि 50 किलोमीटर क्षेत्र में लोगों को चिन्हित कर कानून और संविधान की भावना के विपरीत नोटिस जारी किए जा रहे हैं तथा जनप्रतिनिधियों से संवाद किए बिना कार्रवाई की जा रही है.

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उन्होंने कहा कि फागलिया पंचायत समिति क्षेत्र में भलगांव सरपंच के पुत्र के साथ दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाने तथा धनाऊ क्षेत्र में एक आदिवासी भील सरपंच को परेशान करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं. यह केवल दो पंचायतों की बात नहीं है, बल्कि कई स्थानों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि बिना जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से संवाद किए की जा रही कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक भावना के अनुरूप नहीं है.

हरीश चौधरी ने कहा कि कुछ ताकतें जाति, धर्म और समुदायों के बीच विभाजन पैदा कर थार के भाईचारे को कमजोर करना चाहती हैं, लेकिन दुनिया की कोई भी ताकत इस क्षेत्र की अपणायत और सामाजिक सौहार्द को समाप्त नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि थार के लोग हर कीमत चुकाने को तैयार हैं, लेकिन भाईचारे और सामाजिक एकता को टूटने नहीं देंगे.

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उन्होंने कहा कि देशहित, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए. बॉर्डर क्षेत्र हमेशा शांति, भाईचारे और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक रहा है तथा इसे राजनीतिक विवादों का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों ने हमेशा देश की सुरक्षा और एकता के लिए योगदान दिया है, इसलिए उनके सम्मान और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए.

इधर एक दिन पहले हरीश चौधरी द्वारा का एक बयान भी चर्चाओं में है. बुधवार को तिलक नगर में वीर तेजाजी मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान हरीश चौधरी ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत के साथ संबंधों को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि पहले हमारे मुख्यमंत्री थे. उनके बारे में इस पवित्र जगह पर नहीं बोलूं, तो ही ठीक है. चौधरी ने कहा कि भजनलाल जी और केके विश्नोई के सीधे तार जुड़े हुए हैं. लेकिन मेरी उनसे (पूर्व सीएम गहलोत) लोकसभा चुनाव के बाद रामा-श्यामा बंद है. सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल समाचार ले आते हैं और मैं सुन लेता हूं. चौधरी के इस बयान के बाद से न केवल मारवाड़ बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं.

Bulldozer Action in Barmer
कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई पर उठाए सवाल (ETV Bharat Barmer)

कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई पर उठाए सवाल : धार्मिक आस्था के जुड़ी बरसों पुरानी जाल व भवन आदि पर हुई कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है. लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया. लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है. हालांकि, इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद शांतिपूर्ण का माहौल बना हुआ है.

इधर बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने इस कार्रवाई को लेकर न केवल गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी बात रखी. सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने अवैध अतिक्रमण हटाने के मामले में जिला कलेक्टर से मुलाकात के बाद कहा कि प्रशासन इस विषय पर स्पष्ट रूप से यह बताने को तैयार नहीं है कि ये घटनाएं आखिर क्यों हुईं और केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई है, लेकिन यह समझ में नहीं आता कि जिन ढांचों को ढहाया गया, उनके भीतर ऐसी कौन-सी राष्ट्रविरोधी गतिविधियां थीं