सिपाही पत्नी की मौत पर फफक पड़ा कांस्टेबल पति; आरोप- घायल पत्नी को अफसरों ने नहीं दी छुट्टी, दर्द से कराह कर दम तोड़ा
सिपाही ने आरोप लगाया कि इलाज के लिए छुट्टी न मिलने और लापरवाही की वजह से उनकी पत्नी की जान चली गई.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 30, 2026 at 7:44 AM IST
बस्ती: यूपी पुलिस की अपने ही विभाग के लिए असंवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है. महिला सिपाही की मौत पर उसके कांस्टेबल पति के सब्र का बांध टूट गया. पोस्टमार्टम हाउस पर पति ने हंगामा किया, रोता-बिलखता रहा. सीनियर अधिकारियों पर घायल पत्नी को छुट्टी न देने का आरोप लगाया.
बस्ती में महिला कांस्टेबल केशरी वर्मा की मौत के बाद उनके कांस्टेबल पति नागेंद्र वर्मा फफककर रोते दिखे. नागेंद्र वर्मा ने पत्नी की मौत के पीछे इलाज में लापरवाही और छुट्टी न मिलने का गंभीर आरोप लगाया है.
पुलिस के मुताबिक, पत्नी केशरी वर्मा और नागेंद्र वर्मा दोनों पुलिस विभाग में सिपाही हैं. उनकी तैनाती लालगंज थाने में थी. ड्यूटी के दौरान दोनों एक-दूसरे का सहारा थे लेकिन अचानक हुई एक घटना ने नागेंद्र की पूरी दुनिया ही उजाड़ दी है.
22 अगस्त 2026 को महिला सिपाही केशरी वर्मा छुट्टी के बाद अपने घर प्रतापगढ़ से ड्यूटी पर लौट रही थीं. अपने भाई के साथ स्टेशन जाते समय रास्ते में उनकी स्कूटी अचानक असंतुलित हो गई. हादसे में सिपाही केशरी वर्मा के सिर के पीछे गंभीर चोट लगी.
परिजनों के मुताबिक इलाज कराया गया, सिर में टांके भी लगे और सीटी स्कैन कराया गया, लेकिन जांच में कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई. इसके बाद केशरी वापस लालगंज थाने पहुंच गईं. पति नागेंद्र भी उनकी देखभाल कर रहे थे और इलाज चल रहा था.
बीती रात पहरा ड्यूटी पूरी करने के बाद जब नागेंद्र वापस लौटे तो पत्नी की हालत बेहद गंभीर मिली. आनन-फानन में केशरी को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
एक पल में पति के सामने पत्नी की जिंदगी खत्म हो गई. जिस हाथ में कुछ देर पहले तक पत्नी की मदद करने की उम्मीद थी, उसी हाथ से नागेंद्र को अब अपनी पत्नी के पोस्टमार्टम की कार्रवाई देखनी पड़ रही थी.
पत्नी की मौत का सदमा शायद नागेंद्र के लिए इतना बड़ा था कि वह खुद को संभाल नहीं पाए. पीएम हाउस पर उन्होंने अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ दिए. कहते रहे कि उनकी पत्नी का इलाज कराया जाता, अगर समय पर छुट्टी मिल जाती तो शायद आज केशरी जिंदा होती.
सिपाही नागेंद्र ने आरोप लगाया कि इलाज के लिए छुट्टी न मिलने और लापरवाही की वजह से उनकी पत्नी की जान चली गई. उन्होंने बिना एफआईआर के पोस्टमार्टम कराने से भी इंकार कर दिया और मामले में कार्रवाई की मांग की.
वहीं केशरी के भाई ने भी अपनी बहन की मौत को लेकर सवाल उठाए हैं. परिवार का कहना है कि सिर में चोट लगने के बाद केशरी का इलाज चल रहा था और उनकी हालत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था. परिवार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है.
कलवारी क्षेत्राधिकारी ब्रजेश सिंह ने बताया कि केशरी वर्मा और उनके पति नागेंद्र कुमार दोनों लालगंज थाने में तैनात थे. प्रतापगढ़ में स्कूटी असंतुलित होने से केशरी के सिर के पीछे चोट लगी थी. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, सिर में टांके लगाए गए और सीटी स्कैन भी कराया गया.
पुलिस के मुताबिक, जांच में कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई थी. वह उसी दिन थाने लौट आई थीं. रात में पति नागेंद्र ड्यूटी से वापस आए तो केशरी की हालत गंभीर मिली. उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
पुलिस क्षेत्राधिकारी ने छुट्टी न देने के सवाल पर कहा कि ऐसा नहीं है. उन्होंने EL के लिए अप्लाई किया था, तो उनसे कहा गया कि आपके पास मेडिकल के सारे कागजात हैं, तो मेडिकल लीव मिलेगी, उसके लिए अप्लाई करें.
उन्होंने यह भी कहा कि घटना 22 अगस्त की थी. ठीक से इलाज कराना चाहिए था. जहां वह लोग रहते हैं, वहां से जिला अस्पताल मात्र 18 किलोमीटर दूर है, ऐसे में पहले हीं जिला अस्पताल में किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाना चाहिए था. छुट्टी न देने की कोई बात नहीं है.
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