सुकमा के टेटरई गांव में बजी मोबाइल की घंटी, नया टावर लगने से खत्म हुआ नेटवर्क का टेंशन
सुकमा के सुदूर गांव टेटरई में मोबाइल नेटवर्क लगने से लोगों को फायदा होगा. नवीन कश्यप की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 31, 2026 at 6:27 PM IST
सुकमा: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के सुदूर वनांचल गांव टेररई में मोबाइल टावर लगा है. सुकमा जिला मुख्यालय से करीब 190 किलोमीटर दूर कोंटा विकासखंड के टेटरई गांव में मोबाइल टावर लगने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है.
टेटरई गांव के करीब 2 हजार से ज्यादा ग्रामीणों को बरसों से मोबाइल टावर का इंतजार था. दरअसल मोबाइल टावर नहीं होने की वजह से ग्रामीणों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था. जरूरी फोन करने के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता था. वहीं किसी परिजन की तबीयत खराब होने पर जरूरी मदद के लिए किसी को फोन करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था.
बीएसएनएल की 4G सैचुरेशन परियोजना के तहत जिले के दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर कॉलिंग और इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ने का काम किया जा रहा है. उद्देश्य यही है कि विकास की सुविधाएं उन इलाकों तक भी पहुंचें, जो लंबे समय तक भौगोलिक और दूसरी परिस्थितियों के कारण पीछे रह गए- अमित कुमार, कलेक्टर, सुकमा
सिग्नल की तलाश में खत्म हुआ लंबा इंतजार
पहले मोबाइल हाथ में होने के बावजूद कई जगहों पर ग्रामीणों को सिग्नल की तलाश में घरों से बाहर निकलना पड़ता था. ऊंची जगह या किसी पहाड़ी के आसपास नेटवर्क मिलता था. ऐसे में जरूरी फोन के लिए कभी-कभी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी.
दूर बैठे परिवार के सदस्य से बात करने के लिए अब ऊंची जगह या नेटवर्क खोजने की जरूरत नहीं पड़ती. गांव में रहने वाले बुजुर्ग अपने बच्चों और रिश्तेदारों से आसानी से बात कर सकते हैं. बाहर पढ़ने या काम करने गए युवाओं के लिए भी परिवार से जुड़े रहना आसान हुआ है-ग्रामीण
विद्यार्थियों के लिए खुली डिजिटल पढ़ाई की राह
मोबाइल नेटवर्क आने का सबसे बड़ा असर गांव के बच्चों और युवाओं पर दिखाई देने लगा है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर ऑनलाइन क्लास, डिजिटल अध्ययन सामग्री इंटरनेट के जरिए उपलब्ध है. अब नेटवर्क की समस्या दूर होने से टेटरई जैसे गांवों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है.
बच्चे अब ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं. रोजगार और प्रतियोगी परीक्षा की जानकारी घर बैठे इंटरनेट से ले सकते हैं. सरकारी नौकरी के आवेदन, परीक्षा की तारीख, परिणाम और दूसरी जरूरी सूचनाएं मोबाइस से अब समय पर मिल सकती हैं-ग्रामीण
बैंकिंग और सरकारी योजनाओं तक आसान हुई पहुंच
डिजिटल कनेक्टिविटी से सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच भी आसान हुई है. ई-केवाईसी, डिजिटल बैंकिंग जैसी सेवाओं के लिए नेटवर्क जरूरी है. अब ग्रामीण इन सुविधाओं का लाभ गांव से ही उठा सकते हैं.
संकट के समय मोबाइल बनेगा सबसे बड़ा सहारा
किसी ग्रामीण की अचानक तबीयत खराब हो जाए, दुर्घटना हो जाए या किसी अन्य आपात स्थिति में मदद की जरूरत पड़ने पर पहले बहुत समस्या होती थी. अब नेटवर्क उपलब्ध होने के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस, प्रशासन और अन्य जरूरी सेवाओं से सीधे संपर्क कर सकेंगे.
वनोपज और स्थानीय हुनर को मिल सकता है नया बाजार
टेटरई और आसपास के वनांचल में रहने वाले ग्रामीणों की आजीविका का बड़ा हिस्सा स्थानीय संसाधनों, वनोपज, हस्तशिल्प और पारंपरिक हुनर से जुड़ा है. इंटरनेट की पहुंच बढ़ने के साथ इन उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं.
सुकमा जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में दूरस्थ गांवों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना आसान काम नहीं है. प्रशासन की निगरानी और संबंधित विभागों के प्रयासों से दूरस्थ इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है.

