विश्व में सबसे लंबे बाल सखाराम के! 41 साल से नहीं कटवाए, जटाएं बढ़कर हुई करीब 11 फीट
सखाराम के सिर पर बालों का वजन 8 किलो. माह में दो बार सफाई. पूरा परिवार जुटता है देखभाल में. आदित्य शर्मा की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 3, 2026 at 5:37 PM IST
बड़वानी : बड़वानी के वेदपुरी गांव के रहने वाले 57 वर्षीय आदिवासी किसान सखाराम किराड़े अपने प्राकृतिक रूप से टेढ़े-मेढ़े और आपस में गुंथने वाले बालों से परेशान रहते थे. सखाराम ने अब इन्हीं बालों को अपनी पहचान बना लिया है. पिछले 41 वर्षों से उन्होंने बाल नहीं कटवाए, जिसके चलते उनकी जटाओं की लंबाई 10 फीट 8 इंच तक पहुंच गई है. अब उनका टारगेट गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराकर दुनिया के सबसे लंबे बालों वाले व्यक्ति के रूप में पहचान बनाना है.
सखाराम के जटाओं की लंबाई पौने 11 फीट
किसान सखाराम बताते हैं "जब वे करीब 16 वर्ष के थे, तब तक उन्होंने 3 बार अपने बाल कटवाए थे. हर बार उम्मीद थी कि बाल सामान्य रूप से उगेंगे, लेकिन हर बार वे प्राकृतिक रूप से टेढ़े-मेढ़े और आपस में गुंथे हुए ही निकलते रहे. शुरुआत में यह उनके लिए परेशानी का कारण था, लेकिन वर्ष 1985 में उन्होंने फैसला लिया कि अब वे कभी अपने बाल नहीं कटवाएंगे. उन्होंने सोचा कि जब प्रकृति ने उन्हें यह अलग पहचान दी है तो इसे कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाएंगे. आज उनकी जटाओं की लंबाई 10 फीट 8 इंच तक पहुंच चुकी है."

वर्ल्ड रिकॉर्ड बनना तय है
दुनिया में सबसे लंबे बालों का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड यूक्रेन की महिला एलिया नसीरोवा के नाम दर्ज है, जिनके बाल लगभग 8 फीट 5.3 इंच लंबे हैं. प्रयागराज की स्मिता के बालों की लंबाई 7 फीट 9 इंच है. उन्होंने 14 साल की उम्र के बाद से कभी अपने बाल नहीं कटवाए. इधर, बड़वानी के किसान सखाराम का परिवार बड़ा है. उनके 4 बेटे, बहुएं और पोते-पोतियों सहित कुल 18 सदस्य हैं. खेती-किसानी से परिवार का पालन-पोषण करने वाले सखाराम पढ़े-लिखे नहीं हैं. उन्हें विश्वास है कि उनके बाल विश्व रिकॉर्ड बना सकते हैं, लेकिन आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी नहीं होने के कारण वे अब तक आगे नहीं बढ़ पाए हैं.
सूखी जटाओं का वजन 8 किलो है
सखाराम के बेटे महेश का कहना है "यदि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग उनका मार्गदर्शन करें तो उनके पिता देश और जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं." सखाराम की जटाओं की देखभाल भी किसी चुनौती से कम नहीं है. महीने में केवल दो बार बाल धोए जाते हैं और यह पूरा काम परिवार के सहयोग से ही संभव हो पाता है.
सूखी जटाओं का वजन करीब 8 किलो है, जबकि धुलाई के बाद पानी सोख लेने से इनका वजन लगभग 15 किलो तक पहुंच जाता है. इतनी भारी जटाओं को धोने में करीब 3 घंटे लगते हैं, जबकि पूरी तरह सूखने में लगभग 12 घंटे लगते हैं. इस दौरान पत्नी बायजाबाई और बेटे दिनेश, महेश, सुरेश व इंगेश मिलकर बालों को संभालते हैं.
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डॉक्टर ने दी विशेष देखभाल की सलाह
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन पटेल के अनुसार "सामान्य तौर पर मानव शरीर की गर्दन और रीढ़ की हड्डी इतने अधिक वजन को लगातार सहन करने के लिए नहीं बनी होती. इससे सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, डिस्क संबंधी समस्याएं और गर्दन में दर्द जैसी गंभीर परेशानियां हो सकती हैं. हालांकि लंबे समय से लगातार यह भार उठाने के कारण सखाराम की गर्दन और शरीर की मांसपेशियां खुद को काफी हद तक इसके अनुरूप ढाल चुकी हैं, फिर भी उन्हें नियमित चिकित्सकीय जांच और सावधानी बरतने की आवश्यकता है."

