ETV Bharat / state

त्रेतायुग में यहां भगवान राम ने किया था जलपान, मंदिर के रक्षक के रूप में विराजमान हैं नागदेव

बड़वानी का रामकुल्लेश्वर मंदिर है आस्था का केंद्र, बड़ा चमत्कारी है अमर बावड़ी का जल, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने किया था विश्राम.

BARWANI SHRI RAMKULLESHWAR MAHADEV
त्रेतायुगीन है बड़वानी का श्री रामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 4:06 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

बड़वानी: देश भर में भगवान श्रीराम के हजारों मंदिर हैं, लेकिन बड़वानी के श्री रामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर का संबंध त्रेतायुग से है. इसे अध्यात्म और पौराणिक परंपरा का जीवंत प्रतीक माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण जी और माता सीता के साथ पधारे थे. यहां विश्राम करने के उपरांत श्रीराम ने पवित्र जल से जलपान किया और भगवान शिव की आराधना करते हुए स्वयं इस मंदिर की स्थापना की थी. तभी से यह धाम श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव नाम से विख्यात है.

दिव्य जल से श्रीराम ने किया था अभिषेक

मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन अमर स्रोत बावड़ी यहां की सबसे चमत्कारिक धरोहर मानी जाती है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस जल स्रोत का पानी कभी समाप्त नहीं होता. बुजुर्गों के अनुसार अतीत में जल संकट और सूखे के दौरान इसी बावड़ी ने नगर वासियों की प्यास बुझाई थी. मान्यता है कि यह वही पवित्र जल है, जिससे श्रीराम ने महादेव का जलाभिषेक और जलपान किया था, इसलिए आज भी इसे दिव्य और पावन माना जाता है.

बड़ा चमत्कारी है अमर बावड़ी का जल (ETV Bharat)

रक्षक के रूप में नागदेव विराजमान

श्री रामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर को लेकर कई किवदंतियां हैं. इनमें से एक कहानी यह भी प्रचलित है कि मंदिर परिसर में नागदेव वास करते हैं, जो मंदिर परिसर की रक्षा करते हैं. आसपास के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने बताया कि "यहां आने वाले भक्तों को अक्सर सांप दिखाई देता है. लोग इसे नागदेवता की साक्षात उपस्थिति मानकर श्रद्धा से जोड़ते हैं. उनका विश्वास है कि यहां नागदेव स्वयं रक्षक के रूप में विराजमान हैं."

Miraculous Amar Bawadi Barwani
पवित्र अमर बावड़ी का जल (ETV Bharat)

स्वयंभू श्रीगणेश मंदिर अस्था का केंद्र

रहवासी आनंद गुप्ता ने कहा, "मंदिर प्रांगण में स्थित प्राचीन नागदेव मंदिर और स्वयंभू श्रीगणेश मंदिर आस्था के प्रमुख केंद्र हैं. श्रद्धालु मानते हैं कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना फल देती है. परिसर में स्थित वन औषधि और प्राकृतिक हरियाली इस स्थल के दिव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण को और विशिष्ट बनाती है."

Barwani Ancient Nagdev Temple
स्वयंभू श्रीगणेश मंदिर आस्था के प्रमुख केंद्र (ETV Bharat)

मनोकामनाएं पूर्ण होने पर श्रद्धालु करते हैं दान

मंदिर समिति सदस्य सचिन पुरोहित ने बताया,"मंदिर में प्रतिवर्ष शिवरात्रि, रामनवमी, नागपंचमी और गणेश चतुर्थी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. पूजा-अर्चना, भजन, धार्मिक अनुष्ठान और पारंपरिक मेले इस धाम को जीवंत बनाए रखते हैं. यहां दर्शन करने के बाद मन को शांति और आध्यात्मिक शक्ति की अनुभूति होती है." श्रद्धालु मनोज पुरोहित का कहना है कि "श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह बड़वानी की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत का अनमोल प्रतीक है. त्रेतायुगीन परंपरा प्राचीन बावड़ी वन-पर्यावरण और अटूट आस्था यही इस धाम की पहचान है."