बड़वानी में मोहन सरकार की कृषि कैबिनेट बैठक के सियासी मायने, 7 आदिवासी जिलों पर फोकस
बड़वानी के नागलवाड़ी में आयोजित होने जा रही कृषि कैबिनेट बैठक, स्थानीय किसानों ने की फूड प्रोसेसिंग यूनिट की मांग.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : March 1, 2026 at 10:39 PM IST
रिपोर्ट: आदित्य शर्मा
बड़वानी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 मार्च को नागलवाड़ी में आयोजित होने जा रही कृषि कैबिनेट बैठक के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. निमाड़ अंचल के 7 जिलों खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और अलीराजपुर को साधने की रणनीति के रूप में इस बैठक को देखा जा रहा है. इन 7 जिलों की कुल 28 विधानसभा सीटों में से 14 पर कांग्रेस और 14 पर भाजपा का कब्जा है. ऐसे में 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिहाज से यह बैठक अहम मानी जा रही है.
नागलवाड़ी में अस्थायी मंत्रालय
बैठक का आयोजन शिखरधाम स्थित भिलट देव मंदिर की तलहटी में बने 8 एकड़ के गार्डन में किया जा रहा है. यहां एसी डोम और अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप तैयार किया गया है. भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव के अनुसार, सुबह करीब साढ़े 11 बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक प्रारंभ होगी. इसके बाद मुख्यमंत्री जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे. यह प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक है. इससे पहले जबलपुर (भेड़ाघाट), सिंग्रामपुर, महेश्वर, इंदौर और पचमढ़ी में बैठकें हो चुकी हैं.
इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
बैठक में किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, उन्नत बीज और बेहतर बाजार व्यवस्था, आय दोगुनी करने की कार्ययोजना, मसाला फसलों (मिर्च, हल्दी, धनिया) को बढ़ावा, पशुपालकों को आधुनिक प्रशिक्षण (ब्राजील मॉडल), किसानों के खातों को समग्र आईडी से जोड़ना, कृषि संबंधी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराना, उद्यानिकी विभाग द्वारा मसाला फसलों के लिए नई योजना की घोषणा पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है.

फूड प्रोसेसिंग यूनिट की मांग
नागलवाड़ी क्षेत्र टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है. स्थानीय किसान संतोष भायल, दिनेश यादव और मुकेश गेहलोत ने क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट (कैचप प्लांट) स्थापित करने की मांग उठाई है. किसानों का कहना है कि यहां का टमाटर देश के 10 से अधिक राज्यों में सप्लाई होता है और निर्यात की भी संभावनाएं हैं.

प्रशासनिक तैयारियां पूरी
कलेक्टर जयति सिंह ने बताया कि "कृषि कैबिनेट को लेकर सुरक्षा, पार्किंग, मंच और वीआईपी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं. अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं."
कांग्रेस-भाजपा में जुबानी जंग
पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि मोहन सरकार की कथनी और करनी में अंतर है. उन्होंने कहा कि "कांग्रेस सरकार के समय नागलवाड़ी को 1900 करोड़ रुपए की सौगात दी गई थी. विधानसभा सत्र समय से पहले समाप्त कर सरकार जनता के सवालों से बच रही है." वहीं, भाजपा जिला प्रभारी बाबूलाल यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि "भाजपा सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है. कांग्रेस के नेताओं ने अपने कार्यकाल में जिले के विकास के लिए ठोस कार्य नहीं किए."

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चुनावी नजर से अहम बैठक
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार निमाड़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है. ऐसे में कृषि कैबिनेट के माध्यम से सरकार विकास और किसान हितैषी निर्णयों का संदेश देना चाहती है. नागलवाड़ी की यह बैठक प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

