बड़वानी के स्कूलों में बदइंतजामी, पीने के पानी को तरसते छात्र, टॉयलेट में लटका ताला
बड़वानी में शासकीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम, जगह-जगह घास और गंदगी. टॉयलेट के लिए भटक रहे छात्र.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 8:18 PM IST
बड़वानी: राजपुर विकासखंड के नागलवाड़ी संकुल और लफनगांव क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य शासकीय स्कूलों में हालात चिंताजनक हैं. यहां न तो पीने का पानी है और न ही शौचालय चालू है. कई स्कूलों में बच्चे खुद पानी की बाल्टियां उठाकर लाते हैं और पानी भरते हैं. इस पूरी अव्यवस्था का एक वीडियो भी सामने आया है. करोड़ों की योजनाओं और सरकारी दावों के बावजूद स्कूल में बच्चे प्यासे हैं और शौचालयों पर ताले जड़े हुए हैं.
स्कूल में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे बच्चे
शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल में लगाई गई पानी की टंकियां और पाइपलाइन दो साल से सूखी पड़ी है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय पानी और रखरखाव के अभाव में बेकार हो चुके हैं. नन्हे बच्चे पानी के लिए तरसते हैं और बालिकाएं खुले में शौचालय जाने को मजबूर हैं. यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मासूमों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है.
छात्र पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर
माध्यमिक विद्यालय देवनली, प्राथमिक विद्यालय मोटापुरा, माध्यमिक विद्यालय लफनगांव और प्राथमिक विद्यालय चिभानियापुरा सहित कई स्कूलों में पानी का अभाव है. कई बच्चे घर से पानी भरकर लाते हैं, जबकि कुछ छात्र गंदे हैंडपंपों से पानी पीने को मजबूर हैं, जो उनकी सेहत के लिए खतरा है. सबसे ज्यादा दिक्कत बालिकाओं को है, जहां उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य तीनों दांव पर है. इससे परेशान होकर छात्रा स्कूल छोड़ने पर मजबूर हैं.

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
संकुल में दो जन शिक्षक पदस्थ होने के बावजूद शिकायतों को अनदेखा कर दिया गया. हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से लगभग 18 लोगों की मौत हो गई. इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है. ऐसा लग रहा है जैसे प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है. स्थानीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से तात्कालिक कार्रवाई की मांग की है. ताकि बच्चे सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें.

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कक्षा 6 की छात्रा रोशनी ने कहा कि "हमारे स्कूल में पानी नहीं मिलता है, हम लोगों को घर से पानी की बोतल लानी पड़ती है." वहीं, प्राथमिक स्कूल मोटापुरा के शिक्षक भारसिंह किराड़े ने कहा कि "विभाग को कई बार मामले की शिकायत की है, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ." कक्षा 3 की बालिका चंदा ने कहा कि शौचालय बंद होने की वजह से हमें बाहर जाना पड़ता है.


