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बस से उतरते ही थम गई शख्स की सांसे, पिता के शव के पास बैठ रहा 4 वर्षीय मासूम

बड़वानी में बस स्टैंड पर बस से उतरते ही गिरा युवक, सीपीआर देने के बाद भी नहीं बची जान, शव के पास बैठा रहा बेटा.

BARWANI YOUNG MAN HEART ATTACK
बस से उतरते ही थम गई शख्स की सांसे (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 22, 2026 at 1:45 PM IST

3 Min Read
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बड़वानी: शहर के बस स्टैंड पर शनिवार को एक दुखद घटना हुई, जिसने हर किसी को झकझोर दिया. बस स्टैंड पर सेंधवा से अलीराजपुर जा रहे एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही पलों में उसकी सांसें थम गई. घटना के दौरान 4 वर्षीय मासूम बेटा उसके पास ही बैठा रहा. जिसे यह अहसास भी नहीं था कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे.

बस से उतरते ही बिगड़ी राकेश की तबीयत

मृतक की पहचान राकेश डावर लगभग 30-35 वर्ष, निवासी अलीराजपुर के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार राकेश अपने बेटे किशु के साथ सेंधवा से अलीराजपुर लौट रहे थे. दोनों बस स्टैंड से बस में सवार हुए थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस से उतरने के कुछ समय बाद राकेश की तबीयत बिगड़ी और वे अचानक बैठते ही जमीन पर गिर पड़े.

सीपीआर दिया, लेकिन नहीं बची शख्स की जान

पहले लोगों को लगा कि शायद चक्कर आया होगा, लेकिन जब वे उठे नहीं तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई. मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए आवाज लगाई. बोरलाय निवासी दिनेश यादव और बल्लू पहलवान ने सामाजिक कार्यकर्ता अजित जैन को सूचना दी. अजित जैन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक युवक की सांसें थम चुकी थी. सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और सीपीआर देकर युवक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी. प्रारंभिक तौर हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है. मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा.

शव के पास बैठा पिता को जगाता रहा बच्चा

पहचान के दौरान युवक की शर्ट पर 'टाइगर ग्रुप सेंधवा' लिखा मिला और हाथ पर 'राकेश' नाम अंकित था. इसके आधार पर सेंधवा मानव सेवा समिति से संपर्क किया गया. समिति ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों की जानकारी उपलब्ध कराई. बताया गया कि मृतक के रिश्तेदार सेंधवा में ही रहते हैं और सूचना मिलते ही बड़वानी के लिए रवाना हो गए. घटना का सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब मासूम किशु अपने पिता को बार-बार उठाने की कोशिश करता रहा. वह पूरी तरह अनजान था कि उसके पिता अब कभी नहीं उठेंगे. यह दृश्य देख मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई.

परिजनों को दी गई सूचना

मानवता का परिचय देते हुए अजित जैन और उनकी टीम ने बच्चे को संभाला, भोजन कराया और परिजनों के आने तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की. पूरी घटना बस स्टैंड पर लगे CCTV में कैद हो गई है. पुलिस फुटेज की जांच कर रही है और मामले की विस्तृत पड़ताल जारी है. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजनों के पहुंचने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.