ETV Bharat / state

बड़वानी में टूटी पुलिया से नदी पार करने मजबूर लोग, जिम्मेदार औपचारिक शिकायत का कर रहे इंतजार

बड़वानी में 2 साल से टूटी है बोराड नदी की पुलिया, बच्चों की पढ़ाई और किसानों की खेती हो रही है प्रभावित.

BARWANI DEMAND REPAIR CULVERT
2 साल से टूटी है बोराड नदी की पुलिया (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 21, 2026 at 5:32 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

बड़वानी: मध्य प्रदेश के बड़वानी और खरगोन जिले की सीमा पर स्थित बोराड नदी पर बनी पुलिया पिछले 2 साल से क्षतिग्रस्त पड़ी है. पुलिया का करीब 50 फीट लंबा हिस्सा धंस चुका है, जिससे दर्जनों गांवों के करीब 20 हजार लोग सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं. यह पुलिया अभाली गांव से भोईंदा मार्ग पर स्थित है, जो दोनों जिलों के ग्रामीणों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है. पुलिया टूटने के कारण वाहनों को और लोगों को रोजाना 10 से 15 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है.

निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया का निर्माण शुरू से ही मजबूत नहीं किया गया. कंक्रीट स्लैब में सरिया तक नहीं डाली गई थी और बेस में मिट्टी भरी गई, जिसके चलते तेज बारिश और नदी के बहाव में पुलिया का हिस्सा धंस गया. ग्रामीणों के अनुसार, भारी बारिश के बाद पुलिया का लगभग 50 फीट हिस्सा बह गया और तब से आज तक उसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है.

BARWANI PEOPLE CULVERT CROSSING
पुलिया की मरम्मत नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई और खेती प्रभावित (ETV Bharat)

जनप्रतिनिधियों से मिला सिर्फ आश्वासन

स्थानीय निवासी कपिल भावसार ने बताया, " ग्राम पंचायत की मदद से वैकल्पिक एप्रोच मार्ग बनाया गया था, लेकिन हर बारिश में वह मार्ग भी बह जाता है. ऐसे में ग्रामीणों को फिर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है. ग्रामीणों ने सांसद, विधायक, कलेक्टर, जनपद पंचायत और जनसुनवाई तक शिकायत पहुंचाई, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है. हाल ही में ग्रामीण ठीकरी जनपद भी पहुंचे, जहां जनपद पंचायत सीईओ के नहीं मिलने से निराशा हाथ लगी. अधिकारियों से समय पर मुलाकात नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है."

ग्रामीण टूटी पुलिया की मरम्मत की लगा रहे हैं गुहार (ETV Bharat)

बच्चों की पढ़ाई और खेती प्रभावित

स्थानीय निवासी दिलीप नाईक बताते हैं, " बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती है. नदी में पानी बढ़ते ही रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे आवागमन ठप पड़ जाता है. इस पुलिया से स्कूली बच्चों का भी आना-जाना होता है. बरसात में नदी में पानी बढ़ने के बाद अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतराते हैं, जिससे कई दिनों तक पढ़ाई प्रभावित होती है. वहीं, यह क्षेत्र पूरी तरह कृषि प्रधान है और कई किसानों की जमीन बड़वानी जिले में तो कुछ की खरगोन जिले में है. पुलिया टूटने से किसानों का खेतों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है."

Barwani River broken culvert
बड़वानी में टूटी पुलिया से नदी पार कर रहे लोग (ETV Bharat)

औपचारिक शिकायत का इंतजार?

पुलिया की समस्या को लेकर जिला पंचायत सीईओ काजल जावला ने बताया, "अभी तक कार्यालय में इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. इस बारे में जनपद पंचायत ठीकरी से जानकारी मंगवाई जाएगी. यदि वहां आवेदन प्रस्तुत किया गया है, तो मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. ग्रामीणों की समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा."