बीजेपी विधायक का पुलिस पर गंभीर आरोप, कहा: मुझे बदनाम करने के लिए रची गई साजिश
हमीरपुर में बीजेपी विधायक के रिश्तेदार को चिट्टे के साथ पकड़ा गया था. इसे लेकर विधायक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 19, 2025 at 6:47 PM IST
|Updated : December 19, 2025 at 7:24 PM IST
हमीरपुर: जिला में चिट्टा तस्करी के एक मामले को लेकर सियासत गरमा गई है. हाल ही में चिट्टे के बड़सर विधायक इंद्रदत लखनपाल के एक रिश्तेदार को पुलिस ने पकड़ा था. इस पर पुलिस अधीक्षक हमीरपुर की ओर से दिए गए बयान पर विधायक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विधायक इंद्रदत लखनपाल ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए और इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया. इंद्रदत लखनपाल ने कहा कि 'चिट्टे के आरोपी के साथ उनका या भाजपा पार्टी का नाम जोड़ना पूरी तरह से गलत है. किसी एक व्यक्ति के अपराध के आधार पर विधायक या पूरी पार्टी को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है, जो निंदनीय है. पुलिस की ओर से उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश की जा रही है. इस मामले में एसपी हमीरपुर ने अलग-अलग स्थानों पर फोन कर इस खबर को जानबूझकर फैलवाया, ताकि मुझे बदनाम किया जा सके. इस तरह की कार्यप्रणाली को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.'
'निष्पक्ष कार्रवाई करने में विपल रही पुलिस'
इंद्रदत लखनपाल ने कहा कि चिट्टा का कारोबार आज पूरे प्रदेश में फैल चुका है, लेकिन पुलिस इस पर प्रभावी और निष्पक्ष कार्रवाई करने में विफल रही है. दावा किया कि पुलिस विभाग के भीतर ही 70 से 80 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में चिट्टा के कारोबार से जुड़े हुए हैं, लेकिन ऐसे लोगों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा. पुलिस सच में नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ना चाहती है, तो पहले अपने विभाग के भीतर मौजूद दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए. बड़सर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चिट्टा के साथ-साथ शराब माफिया भी खुलेआम अवैध गतिविधियों में लिप्त है. दिन-रात अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है. पुलिस केवल छोटे मामलों में चालान करने तक सीमित रह गई है, जबकि बड़े तस्करों और माफियाओं पर हाथ डालने से बच रही है.
बीजेपी विधायक ने कहा कि आज उस कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और नशा करने वाले सरेआम सड़कों पर नजर आते हैं. पुलिस द्वारा वीआईपी लोगों के बच्चों को नहीं पकड़ा जाता और कार्रवाई में भेदभाव किया जाता है. यदि पुलिस प्रशासन ईमानदारी और निष्पक्षता से चिट्टे के खिलाफ कार्रवाई करना चाहता है तो उनकी पार्टी पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है.
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