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बारनवापारा अभयारण्य से EXCLUSIVE VIDEO, मादा भालू की पीठ पर 2 शावकों की सवारी, पर्यटकों में रोमांच

बारनवापारा अभयारण्य में ‘मदर स्लॉथ बियर’ और उनके 2 नन्हें शावक आकर्षक का केंद्र बने हैं. मां की पीठ पर सैर करते वीडियो सामने आया.

SLOTH BEAR AND CUBS VIDEO
मादा भालू की पीठ पर 2 शावकों की सवारी, पर्यटकों में रोमांच (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : March 2, 2026 at 3:25 PM IST

4 Min Read
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बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में इन दिनों एक खास दृश्य पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है. यहां एक मादा स्लॉथ बियर (रीछ) अपने दो छोटे शावकों को पीठ पर बैठाकर जंगल में घूमती नजर आ रही है. सफारी पर निकले सैलानी इस नजारे को देखकर रोमांचित हो उठते हैं. घने साल और सागौन के पेड़ों के बीच, सूखे पत्तों की सरसराहट के साथ जब मादा स्लॉथ बियर अपने दो नन्हे शावकों को पीठ पर सवार किए आगे बढ़ती है, तो जंगल सफारी पर निकले सैलानियों की सांसें थम जाती हैं.

बारनवापारा अभयारण्य से मदर स्लॉथ बियर का EXCLUSIVE VIDEO (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जंगल सफारी में ‘मदर बियर’ की झलक

सुबह और शाम की सफारी के दौरान पर्यटक खास तौर पर इस मादा भालू को देखने की उम्मीद में निकलते हैं. जैसे ही गाइड दूर काली आकृति की ओर इशारा करता है, सभी के कैमरे तैयार हो जाते हैं. पास आने पर साफ दिखाई देता है कि भालू की पीठ पर उसके दो नन्हे शावक चिपके हुए हैं. स्लॉथ बियर प्रजाति में शावक अक्सर अपनी मां की पीठ पर बैठकर चलते हैं. इससे वे सुरक्षित रहते हैं और जंगल के कठिन रास्तों को आसानी से पार कर लेते हैं.

फोटोग्राफरों ने कैद किए खास पल

वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह पल किसी खजाने से कम नहीं है. हाल ही में फोटोग्राफर डॉ. महेंद्र अनंत और डॉ. आलोक सिंह ने इस दृश्य को अपने कैमरे में कैद किया. तस्वीरों में मादा भालू सतर्क नजर आती है, जबकि उसकी पीठ पर बैठे शावक निश्चिंत दिखते हैं. सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को खूब सराहना मिल रही है.

Sloth Bear and Cubs Video
मादा भालू की पीठ पर 2 शावकों की सवारी, पर्यटकों में रोमांच (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

गाइडों में उत्साह, पर्यटकों में रोमांच

स्थानीय गाइडों का कहना है कि यह मादा भालू पिछले कुछ समय से नियमित रूप से दिखाई दे रही है. पर्यटक इस दृश्य को देखकर बेहद खुश होते हैं. कई बार सफारी वाहन कुछ देर रुक जाते हैं ताकि लोग इस अनोखे पल को देख सकें. गाइडों के अनुसार, यह संकेत है कि अभयारण्य का वातावरण सुरक्षित और संतुलित है.

सावधानी भी है जरूरी

वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे वन्यजीवों से उचित दूरी बनाए रखें. भालू आमतौर पर शांत होता है, लेकिन खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो सकता है. इसलिए सफारी के दौरान नियमों का पालन करना जरूरी है.

क्या है स्लॉथ बियर की खासियत?

स्लॉथ बियर भारत में पाई जाने वाली एक खास भालू प्रजाति है. इसकी पहचान लंबी काली फर, सीने पर सफेद ‘V’ आकार का निशान और मजबूत पंजे हैं. यह मुख्य रूप से दीमक, कीड़े-मकोड़े और फल खाता है. अपने बच्चों को पीठ पर बैठाकर चलना इसकी अनोखी आदत है, जो इसे अन्य भालुओं से अलग बनाती है.

बढ़ी पर्यटकों की संख्या

इस खास दृश्य की चर्चा फैलने के बाद अभयारण्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है. आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं. वीकेंड पर सफारी की बुकिंग पहले से ज्यादा हो रही है. कई परिवार अपने बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के लिए यहां ला रहे हैं.

प्रकृति का खास संदेश

मादा भालू का अपने शावकों को पीठ पर लेकर घूमना सिर्फ एक रोमांचक दृश्य नहीं, बल्कि प्रकृति का खूबसूरत संदेश भी है. यह बताता है कि जब जंगल सुरक्षित रहते हैं, तभी ऐसे दुर्लभ नजारे देखने को मिलते हैं. बारनवापारा के जंगलों में इन दिनों हर सफारी के साथ एक नई कहानी लिखी जा रही है.

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