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रिश्वत मामले में बीएपी विधायक सदाचार कमेटी के सामने पेश हुए, अगले सप्ताह दाखिल होगी चार्जशीट

20 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल विधानसभा की सदाचार कमेटी के सामने पेश हुए और अपना पक्ष रखा.

BAP MLA bribery case
राजस्थान विधानसभा (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 7, 2026 at 2:01 PM IST

4 Min Read
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जयपुर: विधानसभा में खनन से जुड़े सवाल वापस लेने के बदले 20 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक जयकृष्ण पटेल बुधवार को विधानसभा की सदाचार कमेटी के सामने पेश हुए. इस दौरान उन्होंने अपना पक्ष रखा. इसी मामले की जांच कर रहे एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारी संदीप सारस्वत भी कमेटी के समक्ष उपस्थित हुए और अब तक की जांच का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया.

सदाचार कमेटी के अध्यक्ष कैलाश वर्मा सहित अन्य सदस्यों ने विधायक पटेल और जांच अधिकारी से मामले पर विस्तार से सवाल-जवाब किए. फिलहाल जयकृष्ण पटेल इस प्रकरण में जमानत पर हैं. एसीबी ने 4 मई 2025 को जयकृष्ण पटेल को 20 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. कई महीने जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली थी.

जांच अधिकारी संदीप सारस्वत (ETV Bharat Jaipur)

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बागीदौरा से विधायक हैं पटेल: इस मामले में भारत आदिवासी पार्टी ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए अपनी अलग जांच कमेटी गठित की थी, जो अभी जांच कर रही है. विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने यह मामला सदाचार कमेटी को सौंपा था. सितंबर 2025 में मानसून सत्र से पहले रिपोर्ट सौंपने का समय निर्धारित था, लेकिन कमेटी ने अतिरिक्त समय मांगा था, जिसके बाद मामला लंबित चल रहा था. जयकृष्ण पटेल 2024 में बागीदौरा सीट पर हुए उपचुनाव में विजयी होकर विधायक बने थे.

अगले सप्ताह दाखिल होगी चार्जशीट: मामले के जांच अधिकारी संदीप सारस्वत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सदाचार कमेटी ने सबूतों के संबंध में जानकारी मांगी थी, जिसे हमने उपलब्ध कराया और अपना पक्ष रखा. हम अगले सप्ताह पूरी चार्जशीट दाखिल कर देंगे. इसमें विधायक के अलावा अन्य आरोपी भी शामिल हैं, उनके खिलाफ भी चार्जशीट पेश की जाएगी.

संदीप सारस्वत ने कहा कि हर किसी को अपना पक्ष रखने का अधिकार है. कमेटी के सभापति कैलाश वर्मा और अन्य सदस्यों की जिज्ञासाओं का हमने संतोषजनक जवाब दिया. हमने विधायक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया से कमेटी को अवगत कराया. दो अन्य आरोपियों को नवंबर में गिरफ्तार किया गया था, इसलिए सभी की चार्जशीट एक साथ एक सप्ताह में दाखिल की जाएगी.

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वहीं, कमेटी की बैठक के बाद सभापति कैलाश वर्मा ने कहा कि समिति की गोपनीयताएं हैं. समिति पहले भी जांच कर चुकी है और अभी भी जांच जारी है और जांच से जुड़े हुए तथ्य जो इस आरोप के बाद सामने आए हैं, उन सभी तथ्यों की भी जांच की जा रही है. जांच करने के बाद ही कमेटी ने आज विधायक जयकृष्ण पटेल और अनुसंधान अधिकारी को बुलाया था और उनसे कमेटी के सभी 11 सदस्यों के सामने सवाल-जवाब किए थे और उनकी ओर से पेश किए गए सबूत भी लिए घए हैं. अब इन सबूतो का कमेटी अपने स्तर पर जांच करेगी और उसके बाद ही इस पर कोई फैसला ले सकेगी. उन्होंने कहा कि समिति की अपनी मर्यादाएं, मापदंड और नियम हैं, उसी के अनुसार समिति काम करती है. उन्होंने कहा कि विधायक पर बहुत ही गंभीर आरोप लगे हैं. 6 मई 2024 को FIR दर्ज हुई थी. उसकी भी पहले समिति ने अपने स्तर पर जांच की थी और आज दोनों पक्षों को सुना है.

सभापति कैलाश वर्मा ने कहा कि भाजपा विधायक जयकृष्ण पटेल पर गंभीर आरोप लगे हैं और जिस पर आरोप लगते हैं चाहे वो प्रशासनिक अधिकारी हो वो किसी पार्टी का विधायक हो वो अपने ऊपर लगे आरोपों से बचाव के लिए तथ्य पेश करता है. सदाचार कमेटी कभी भी गोपनीयता उजागर नहीं करती है. हमारे पास कई तरह के तथ्य आए हैं, जिस दिन यह मामला पूरी तरह से सामने हो जाएगा, तब हम इसके सबूत रिपोर्ट के साथ पेश करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में हमें लीगल राय भी लेनी पड़ी तो राय भी लेंगे. आगे भी अगर विधायक को पूछताछ के लिए बुलाया जाता है तो हम बुला सकते हैं, क्योंकि इसके लिए कमेटी स्वतंत्र है.

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