नितिन नबीन की जगह कौन? बांकीपुर उपचुनाव के लिए BJP में 'एक अनार सौ बीमार'
'एक अनार सौ बीमार' वाली कहावत बीजेपी के लिए बांकीपुर उपचुनाव में चरितार्थ होती दिख रही है. जहां आधा दर्जन दावेदार खड़े हो गए हैं.

Published : June 3, 2026 at 6:50 PM IST
पटना: बांकीपुर विधानसभा सीट से बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद उपचुनाव होना है. हालांकि तारीख का ऐलान नहीं हुआ है लेकिन सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. जन सुराज पार्टी से प्रशांत किशोर के लड़ने की चर्चा है, जबकि महागठबंधन भी उम्मीदवार की तलाश में जोर-शोर से जुट गया है. वहीं, एनडीए की तरफ से भारतीय जनता पार्टी का ही उम्मीदवार होगा, ये तय है लेकिन कौन? अभी तक इसको लेकर तस्वीर साफ नहीं हो रही है. हालांकि कई दावेदार हैं, जो अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं.
बांकीपुर उपचुनाव के लिए सरगर्मी बढ़ी: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी से कई नेता तैयारी कर रहे हैं. वहीं कई ऐसे भी हैं, जो इस इंतजार में हैं कि उन्हें हरी झंडी मिले तो वह क्षेत्र में अपनी कैंपेनिंग शुरू करें. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के लिए यह सीट 'नाक की लड़ाई' है, क्योंकि वह यहां से लंबे समय से लगातार विधायक रहे हैं. ऐसे में वह ऐसे कैंडिडेट की तलाश कर रहे हैं, जो उनका विश्वास पात्र होने के साथ-साथ भारी मतों से चुनाव भी जीत सके. हालांकि पार्टी जीत को लेकर आश्वस्त है.
"यह माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की सीट है और क्षेत्र का बच्चा-बच्चा जानता है कि भाजपा का जो भी कैंडिडेट होगा, उसका स्वागत किया जाएगा. हम सभी रिकार्ड मतों से उसे जिताने के लिए काम करेंगे. यहां न प्रशांत किशोर है और ना लालटेन है, ना ही यहां पर कांग्रेस है. यहां केवल और केवल कमल है और नितिन नवीन हैं."- सतेंद्र भट्ट, नेता, भारतीय जनता पार्टी

संजय मयूख रेस में सबसे आगे: बांकीपुर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की लंबी फेहरिस्त में विधान पार्षद संजय मयूख का नाम सबसे आगे चल रहा है. वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं. उनकी दावेदारी के पीछे एक वजह ये भी है कि उनकी पहुंच आलाकमान तक डायरेक्ट है और यह बांकीपुर विधानसभा के लिए जातीय समीकरण से उपयुक्त भी माने जाते हैं. नितिन नबीन की तरह ही वह भी कायस्थ जाति से आते हैं.
रणवीर नंदन भी दावेदार: बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और पूर्व एमएलसी रणवीर नंदन भी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रबल दावेदार माने जाते हैं. वह भी कायस्थ जाति से आते हैं. कई बार उन्होंने बांकीपुर विधानसभा से अपनी दावेदारी पेश की है. लिहाजा बीजेपी उनके नाम पर भी विचार कर सकती है.
अजय आलोक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं. वह भी बांकीपुर विधानसभा सीट के प्रबल दावेदार हैं. वह भी कायस्थ जाति से आते हैं. इनके पिता पद्मश्री डॉक्टर गोपाल प्रसाद सिन्हा पटना के बड़े डॉक्टर हैं. पहले यह जेडीयू में थे लेकिन बाद में बीजेपी का दामन थामा है. अजय मुखर प्रवक्ता भी हैं, ऐसे में भाजपा इन्हें चांस दे सकती है.

अरुण सिंहा के बेटे भी रेस में: कुम्हरार के पूर्व विधायक अरुण सिंहा के पुत्र आशीष सिन्हा भी इस सीट पर अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं. आशीष सिंहा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मे चुके हैं. वह पूर्व में पटना विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे हैं. कायस्थ जाति से आते हैं. ऐसे में इन्होंने अपनी दावेदारी पार्टी के सामने रख दी है. अब पार्टी को निर्णय लेना है कि इन्हें चुनाव लड़ाएं या नहीं.
अभिषेक बंटी भी बांकीपुर से चुनाव लड़ना चाहते हैं. भारतीय जनता युवा मोर्चा के पटना महानगर अध्यक्ष अभिषेक बंटी अपनी दावेदारी कर रहे हैं. हालांकि वह अति पिछड़ा समुदाय से आते हैं. उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का नजदीकी माना जाता है. ऐसे में इनकी भी प्रबल दावेदारी इस सीट से बन रही है.
रेस में सुनील वर्मा भी: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी के सहयोगी रहे सुनील वर्मा भी बांकीपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं. वह कायस्थ जाति से आते हैं. पॉलिटिकल सेटलमेंट के नाम पर वह अपनी दावेदारी यहां से कर रहे हैं.
आधी आबादी में सुषमा साहू आगे: बांकीपुर सीट से नई-नई प्रदेश मंत्री बनीं सुषमा साहू भी चुनाव लड़ सकती हैं. वह पहले भी बांकीपुर विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी पेश कर चुकी हैं. अब बांकीपुर विधानसभा सीट खाली हो चुकी है. नितिन नबीन वहां से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं तो सुषमा साहू भी यहां से उम्मीदवार हो सकती हैं. वह वैश्य समाज से आती हैं.
सुषमा साहू ने क्या बोला?: हालांकि सुषमा साहू अपनी दावेदारी को लेकर खुलकर बोलने से बच रही हैं. उन्होंने कहा कि बांकीपुर में वैसा ही कैंडिडेट चुना जाएगा, जैसे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बांकीपुर के 'रहनुमा' रहे हैं. जो चुनाव जीतने के बाद बतौर विधायक बांकीपुर की जनता के लिए हमेशा खड़े रहे. आज जो स्थिति है, उसमें केंद्रीय नेतृत्व और राज्य नेतृत्व बहुत सजग है, उम्मीदवारों की चयन को लेकर और बहुत जल्द इसकी घोषणा होने वाली है. जितनी गहमा गहमी बाहर दिख रही है, पार्टी में भी है.

"पार्टी जिसको भी लाएगी, चाहे महिला हो या पुरुष, हम सभी उसे सहर्ष स्वीकार करते हुए उसे जिताने के लिए काम करेंगे. पूरी ताकत के साथ. जिस प्रकार नितिन नबीन जी के लिए हम लोगों ने काम किया, उसी प्रकार जो कैंडिडेट चुने जाएंगे उन्हें भी हम सपोर्ट करेंगे."- सुषमा साहू, सचिव, बिहार बीजेपी
क्या बोले शिक्षा मंत्री?: वहीं, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का एक सामान्य कार्यकर्ता बांकीपुर का चुनाव लड़ेगा. उन्होंने कहा, 'माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की यह सीट है और उनका आशीर्वाद लेकर जीतकर सदन में पहुंचेगा.'

2025 चुनाव का परिणाम: पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नितिन नबीन ने 51,936 मतों से जीत दर्ज की थी. उनको 98,299 वोट मिले, जबकि आरजेडी की रेखा कुमारी को 46,363 मत प्राप्त हुए. वहीं जन सुराज की वंदना कुमार 7,717 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहीं.
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