बाघों के गढ़ बांधवगढ़ में गिद्धों की अहम भूमिका, फिर शुरू हुई वल्चर्स काउंटिंग
बांधवगढ़ में तीन दिवसीय गिद्धों की गणना जारी, पहले ही दिन दिखे कई प्रजातियों के गिद्ध, मोबाइल ऐप से हो रही गणना

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 20, 2026 at 6:08 PM IST
उमरिया : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बार फिर गिद्धों की गणना शुरू कर दी गई है, तीन दिवसीय गिद्ध गणना का ये पहला दिन है, जिसे लेकर वन्य कर्मी भी काफी उत्साहित नजर आए, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पहले ही दिन कई गिद्ध देखे गए हैं, जो काफी अच्छा संकेत माना जा रहा है. वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स के मुताबिक वाइल्ड लाइफ ईकोसिस्टम में गिद्धों की एक अहम भूमिका होती है. इसलिए इनकी गिनती करना भी बेहद जरूरी होता है.
मोबाइल ऐप से सीधी डाटाबेस में गिद्धों की जानकारी
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिवसीय गिद्धों की गणना मोबाइल ऐप Epicollect5 के माध्यम से की जा रही है. इस ऐप के माध्यम से गिद्धों की जानकारी सीधे डाटाबेस में दर्ज हो रही है, और इसी को लेकर माना जा रहा कि इस बार गिद्धों की संख्या के सटीक आंकड़े आने की संभावना है.

इस तरह हो रही गिद्धों की गणना
20 फरवरी से गिद्धों की गणना शुरू कर दी गई है, जो 22 फरवरी तक चलेगी. इस तीन दिवसीय गणना कार्यक्रम में वन विभाग के कर्मचारी गिद्धों की तस्वीर ले रहे हैं, और उनकी जीपीएस लोकेशन भी दर्ज कर रहे हैं. जीपीएस कॉर्डीनेट्स व अन्य जानकारियों के साथ इन तस्वीरों को मोबाइल ऐप पर अपलोड किया जा रहा है.

पूरे जोश से गिद्धों की गणना में जुटा वन अमला
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला परिक्षेत्र की पहाड़िया और खेतौली धमोखर परिक्षेत्र गिद्धों का प्रमुख स्थल माना जाता है. राजबहरा मैदान के ऊपर की पहाड़ी में सबसे अधिक गिद्धों का रहवास है. यहां वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी पूरे जोश के साथ गिद्धों की गिनती करने में लगे हुए हैं.

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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया, '' आज पहले ही दिन गिद्धों की गणना के दौरान राज गिद्ध, देसी गिद्ध, इजिप्शियन गिद्ध और वाइट ग्रिफोन गिद्ध देखे गए हैं. गिद्ध हमारे जंगल और पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, ये काउंटिंग अगले दो दिनों तक और जारी रहेगी.''
कितने कर्मचारी कर रहे गिद्ध गणना
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चार उपवन मंडलों के नौ परिक्षेत्र के 139 बीट में यह काम किया गया है. इसमें लगभग 400 से अधिक फील्ड स्टाफ ने हिस्सा लिया और करीब 60 अधिकारी और वरिष्ठ वनकर्मियों ने मौके पर रहकर निगरानी की.

