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UP का 'चुरू' बना बांदा; 47 डिग्री का हीट टॉर्चर, रातें भी हुईं 'लाल', प्रशासन की 'दोपहर में नहीं निकलने' की अपील

बांदा में सूखे की समस्या गंभीर, पश्चिम से आने वाली ड्राई और गर्म हवाएं बढ़ी रहीं यहां का तापमान.

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यूपी का वह जिला जिसने पूरे भारत में 2026 की गर्मी में तापमान का तोड़ा रिकॉर्ड. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 2, 2026 at 5:10 PM IST

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बांदा: पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है. मगर बुंदेलखंड के बांदा जिले की बात करें तो ये उत्तर प्रदेश का ही नहीं, बल्कि देश का भी सबसे गर्म जिला पिछले कुछ दिनों से बना हुआ है. यहां का तापमान इस बार 47 डिग्री पार कर चुका है. इतनी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी तो राजस्थान के चुरू में ही पड़ती है. इस लिहाज से कहा जाए तो बांदा उत्तर प्रदेश का चुरू बन गया है.

आइए जानते हैं, बांदा में इतनी भीषण गर्मी क्यों पड़ती है? क्या कारण है कि इस साल गर्मी ने रिकॉर्ड ही तोड़ दिए हैं. साथ ही जानिए कि यूपी में कहां, कितनी भयानक गर्मी पड़ रही है. यह भी कि इसके पीछे कारण क्या हैं? श्वेता मिश्रा के संपादन के साथ संवाददाता आनंद तिवारी की खास रिपोर्ट...

जानिए मौसम वैज्ञानिक इसपर क्या कहते हैं. (Video Credit; ETV Bharat)

अप्रैल में ही आसमान से बरसी आग: वैसे तो बांदा हमेशा से यूपी का सबसे गर्म स्थान रहा है. लेकिन, इस बार हालात दूसरे हैं. पिछले दिनों के तापमान पर गौर करें तो बांदा में टेंपरेचर 46 से 47 डिग्री से. के आसपास बना है. अप्रैल में ही बांदा का न्यूनतम तापमान 31 डिग्री तक पहुंच गया. मौसम वैज्ञानिक इस पर चिंता जता रहे हैं.

बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर दिनेश साह ने बताया कि मई में यहां का तापमान और भी बढ़ेगा जो चिंता का विषय है. फिलहाल बांदा में पड़ रही भीषण गर्मी से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और दिन हो या रात, यहां लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ता है. दोपहर होते-होते स्थिति यह हो जाती है कि सड़कों पर सन्नाटा दिखाई देने लगता है. वहीं जिला प्रशासन की तरफ से भी लोगों से दोपहर में न निकलने की अपील की जा रही है.

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बांदा के आस पास यहां पड़ती गर्मी. (Photo Credit; ETV Bharat)

बांदा में अधिक गर्मी पड़ने की ये है वजह: कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश साह ने बताया कि पश्चिम से आने वाली ड्राई और गर्म हवाएं तापमान को बढ़ाती हैं. इसके अलावा क्षोभमंडल में नीचे से उठने वाली गर्म हवाएं ऊपर नहीं जा पातीं, जिसके चलते वह धरती पर पड़ती हैं और तापमान बढ़ जाता है. वहीं मौजूद समय में आसमान बिल्कुल साफ है और बादल नहीं हैं, जिसके चलते सूर्य की रोशनी सीधे पृथ्वी पर पड़ती है और ये भी गर्मी का प्रमुख कारण है.

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यूपी के टॉप 5 गर्म जिले. (Photo Credit; ETV Bharat)

वहीं अगर बांदा की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने की वजह ये है कि यहां की मिट्टी ड्राई है, जिसमें नमी नहीं है. वहीं यहां पर पेड़-पौधों का भी अभाव है, इसके अलावा यहां धरातल पर पत्थरों की चट्टानें हैं, जिसके कारण यहां पर अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा में ज्यादा गर्मी पड़ती है.

भारत का सबसे गर्म जिला कौन? वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान का फलोदी भारत का सबसे गर्म स्थान माना जाता है. जहां का तापमान 51° तक मई 2016 में पहुंच चुका है. हालांकि अप्रैल 2026 में यूपी के बांदा ने 47.6° दर्ज कर विश्व स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं.

बांदा का पिछले 5 साल का अधिकतम तापमान: पिछले 5 सालों की बात करें तो, बांदा में गर्मी हर साल अपने पिछले रिकॉर्ड तोड़ रही है. यहां के पिछले 5 वर्षों के अधिकतम तापमान पर नजर डालें-

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बांदा का पिछले 5 साल में अधिकतम तापमान. (Photo Credit; ETV Bharat)

बीते 10 दिनों में बांदा का तापमान: अगर पिछले 10 दिनों की बात की जाए तो बांदा का तापमान 44° से 47° डिग्री के आसपास बना हुआ है. हालांकि हाल ही में हुई बूंदाबांदी और कुछ इलाकों में बारिश के चलते तापमान में थोड़ी गिरावट देखी गई है.

बांदा के आसपास ये जिले जहां भीषण गर्मी: बांदा के आसपास के जनपदों की बात की जाए तो हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट और प्रयागराज में भी भीषण गर्मी देखने को मिलती है.

चुरू के अलावा अन्य गर्म जिले: चुरू के अलावा अन्य गर्म जिलों की बात की जाए तो राजस्थान के श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर में भीषण गर्मी पड़ती है. इनके अलावा ओडिशा का टिटलागढ़, महाराष्ट्र का अकोला और भी अत्यधिक गर्म रहते हैं.

यूपी के टॉप 5 गर्म जिले: बांदा के अलावा अगर गर्म जिलों की बात की जाए तो प्रयागराज, झांसी, हमीरपुर और आगरा उत्तर प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में शामिल हैं.

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जिले में सूखे का इतिहास. (Photo Credit; ETV Bharat)

क्या बांदा में पड़ता है सूखा? बांदा सूखा प्रभावित जिला है. यह बुंदेलखंड क्षेत्र का हिस्सा है, जहां पर पानी की भारी कमी रहती है. कारण यह है कि अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा में यहां पर बारिश कम होती है और सही समय पर मानसून में यहां पर बारिश बहुत कम ही होती है.

बांदा में सूखे का इतिहास: बांदा में सूखा एक बड़ी समस्या है. पिछले दशकों में 1991, 1992, 2007, 2009, 2014, 2015 और 2016 में यहां पर गंभीर सूखा दर्ज किया गया था. अब यह स्थिति लगभग हर 3-4 साल में दोहराई जाती है. जहां पर मानसून में बारिश न होने के चलते सूखे जैसे हालात सामने आते हैं.

गर्मी से लोग कैसे करते बचाव? भीषण गर्मी से बचने के लिए यहां के लोग जहां दिन में खुद को पूरा ढककर अपने घर से बाहर निकलते हैं, तो वहीं जरूरत न होने पर अपने घरों के बाहर नहीं निकलते. इसके अलावा प्रशासन के द्वारा जारी की जाने वाली एडवाइजरी का भी पालन करते हैं.

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बांदा में बारिश की दर. (Photo Credit; ETV Bharat)

किसान कैसे करते काम? अगर किसानों की बात की जाए तो किसान जल्दी सुबह उठकर अपनी खेतीबाड़ी का काम निपटा लेते हैं और धूप तेज होने के पहले अपने घर आ जाते हैं. वहीं किसान फिर से शाम को अपने खेतों में जाते हैं और काम को खत्म करते हैं.

लू से मौतों की संख्या: पिछले साल भारत में लू से लगभग 455 मौतें दर्ज की गई थीं. बांदा जैसे इलाकों में हर साल लू के चलते स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं और मौतें रिपोर्ट की जाती हैं. लू से होने वाली मौतें अक्सर संदिग्ध होती हैं और आधिकारिक आंकड़ों में इनकी संख्या अक्सर कम बताई जाती है.

बांदा में बारिश की दर: बांदा में औसत सालाना बारिश लगभग 850mm से 902mm के बीच होती है. जिसमे लगभग 80% हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून-सितंबर) से प्राप्त होता है.

बांदा के आसपास के जिले और आबादी: बांदा के पड़ोसी जिलों में चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा और फतेहपुर शामिल हैं. बांदा की कुल आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 17.99 लाख थी.

पिछले साल 2025 यूपी का सबसे गर्म जिला: मई 2025 में बांदा ही उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा था, जहां का तापमान 47.4 दर्ज किया गया था.

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चुरू के आसपास ये गर्म जिले. (Photo Credit; ETV Bharat)

आम लोगों के अलावा पशु पक्षियों के लिए भी पानी की कराई जा रही व्यवस्था: डीएम अमित आसेरी ने बताया कि बांदा प्रदेश का ही नहीं, बल्कि देश का सबसे गर्म जनपद है. ऐसे में हमने 3 हिस्सों में रणनीति बनाई है. जिसके क्रम में ग्रामीण और शहरी लोगों को गर्मी से बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा है. वहीं जो बच्चे और बूढ़े लोग हैं, उनके लिए विशेष टीम बनाकर उन्हें भी जागरूक किया जा रहा है.

इसके अलावा स्कूल के समय में भी बदलाव किया गया है और जिले में पानी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं जो सार्वजनिक जगहें हैं. वहां पर भी प्याऊ की व्यवस्था करवाई जा रही है. लोगों से यह भी अपील की गई है कि दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक धूप में न निकले और बहुत जरूरी हो तभी शरीर को ढककर घर से बाहर निकले. इसके अलावा पशु और पक्षियों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं करने के संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं. लोगों से भी अपील की जा रही है पक्षियों के लिए अपने घरों में पानी के बर्तन जरूर रखें वही पशुओं के लिए भी पानी की जगह-जगह व्यवस्था कराई जा रही है.

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